कर्मों का चक्र – विक्रम की कहानी – डॉ. स्नेहा नीलेश निंबालकर
विक्रम एक बड़े शहर में बिज़नेस करता था। शुरूआत में वह मेहनत से काम करता था, लेकिन जैसे-जैसे पैसा और ताक़त उसके हाथ आई, उसकी नीयत बदलने लगी। वह ठेके लेने के लिए रिश्वत देता, नकली कागज़ बनवाता और घटिया माल बेचकर लाखों रुपए कमाता। धीरे-धीरे उसने और भी बुरे काम शुरू कर दिए—लोगों से … Read more