एक अनूठी प्रेम कथा – आरती झा आद्या
बस मुझे मेरे धवल से मिलवा दो। उसे मेरे पास ले आओ ना..उनहत्तर वर्षीय सविता खन्ना बिछावन पर लेटे लेटे बच्चों सी बोली में बड़बड़ा रही थी। बिछावन के बगल में बैठे डॉक्टर मित्तल और ब्रिगेडियर एक दूसरे को बुझी बुझी नजरों से देख रहे थे। ब्रिगेडियर साहब.. कौन है ये धवल… डॉक्टर मित्तल पूछते … Read more