किसी के कांधो का सहारा क्यो मांगू मैं  संगीता अग्रवाल

जिंदा हूँ अभी कोई लाश नही हूँ। क्यो किसी के हाथो मे खेली जाऊं एक औरत हूँ कोई ताश नही हूँ। क्यों उम्मीद करूँ कोई दे मुझे आसरा सक्षम हूँ खुद से कोई बेसहारा नही हूँ। मैंने तो चाहा कोई हाथो मे मेरे हाथ दे सहारे का एहसान नही अपना साथ दे। यूँ तो अकेले … Read more

दूसरा आदमी ! – रमेश चंद्र शर्मा

============ राहुल (पत्नी प्रियंका से) ” आज दोपहर बाद तुम्हारे ऑफिस गया था। तुम वहां नहीं थी”? प्रियंका “हां राहुल, हमारे साहब की माताजी सीरियस हो गई थी ।उन्हें देखने गए थे “। राहुल “हां,तुम्हारा बाँस जो ठहरा। उनकी मां के हाल चाल लेना बहुत जरूरी है”। प्रियंका “स्टाफ के और भी लोग साथ थे। … Read more

अंजाना बंधन – निभा राजीव “निर्वी”

रीमा के घर के सामने वाली सड़क के उस पार कुछ दूर आगे चलकर ही एक वृद्ध आश्रम था। रीमा अक्सर वृद्धों को देखा करती थी कभी सड़क पर टहलते… कभी-कभी पास वाली पार्क में भी वे घूमने आया करते थे। रीमा प्राय: जब प्रात: भ्रमण के लिए पार्क में जाती थी तो वहां कुछ … Read more

क्या सच में औरत सुरक्षित हैं ?? – मीनाक्षी सिंह 

रिया – भईया ,,रामनगर चलोगे क्या ?? अौटो वाला – नहीं बहन जी ,,वहां नहीं जा रहा !! रात के 9 बज रहे हैं !! रिया की आज आफिस में मीटिंग थी !! इसलिये आज बहुत रात हो गयी !! घबरायी हुई ,,पसीने से तर बतर अौटो के इंतजार में खड़ी हैं !! उसने कम्पनी … Read more

“आज के बेटों का संघर्ष” – ऋतु गुप्ता

बेटियां ही नहीं आज बेटे भी पराया धन हो जाते हैं, पढ़ने के लिए जब वो घर छोड़ विदेश जाते हैं…   छोड़ जाते हैं पीछे गिटार और म्यूजिक सिस्टम अपना, हर चीज से मोह और लगाव घर पर ही भूल जाते हैं… जब वो घर छोड़ विदेश….   कल तक करते थे जो हजार … Read more

जैसी करनी वैसी भरनी – सीमा बी

भोलाराम, बंसत कुमार और घनश्याम दास तीनो ही दिल्ली के सदर बाजार में एक ही लाइन में अपनी अपनी दुकान संभाल रहे थे। तीनो पड़ोसी होने के नाते एक दूसरे की इज्जत किया करते थे। भोला राम और बसंत कुमार अच्छे परिवारों से थे तो वहीं घनश्याम दास की गिनती भी खाते पीते परिवार में … Read more

अब कुछ अपने लिए – नीरजा कृष्णा

विजय बाबू से समय काटे नहीं कट रहा था। अभी अभी उनकी फ्लाइट दिल्ली पहुँची है। अभी भी सुजाता तक पहुँचने में एक घंटा तो लगेगा ही। कल ही तो बिटिया रेखा ने सुजाता… उनकी जीवनसंगिनी और अपनी माँ के हार्टअटैक के बारे में बताते हुए कहा था, “माँ को मैसिव हार्टअटैक आया था। डा. … Read more

हालात – अंजू निगम

स्मिता के मन में सोच की सिलवटें गहरी हो उठी थी। फोन करे, न करे। काफी देर वह इसी दोराहे पर खड़ी रही। आज भी फोन नहीं किया तो बाद में फोन करने का मतलब ही नहीं रह जायेगा, कुछ ऐसी सी बात सोच स्मिता ने अनु को फोन मिला ही लिया। पहली घंटी पर … Read more

तोड़ दो ये बंधन – सुषमा यादव : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : जब जब सहदेव जी अपनी बेटी के लिए रिश्ता देखने जाते,तब तब संयोगवश एक युवक लंबा सा आकर्षक व्यक्तित्व वाला उनसे अक्सर टकरा जाता, उनके पूछने पर पता चला कि वो पंतनगर नैनीताल में कृषि विश्वविद्यालय में बी,एस,सी, ए ,जी  द्वितीय वर्ष में अध्ययन कर रहे हैं,, उनकी ही बिरादरी … Read more

मृत शरीर –  विजय कुमारी मौर्य

कान्ती के पैर मानो हवा में उछाल भर रहे हों। वह एक बच्चे को गोद में और दूसरे बच्चे का हाथ पकड़े बदहवासी मेंं रेलवे स्टेशन की ओर जा रही थी। आज से कोई एक साल पहले गोविन्द जब परदेश जाने लगा था तो बेटी पुन्नी ने उसके शरीर से लिपटते हुए कहा था, बापू! … Read more

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