च्यवनप्राश – कमलेश राणा

बात यह है जी कि टीवी में हर प्रोग्राम के बीच बीच में जो विज्ञापन आते हैं न वो हमें बड़ा प्रभावित करते हैं,, चीजों की गुणवत्ता के बारे में ऐसे कसीदे पढ़ते हैं न,,,कि लेने मन न हो तो भी आदमी ले ही ले और न भी ले तो सोचने तो जरूर ही लग … Read more

“चांद के पार चलो” करवाचौथ (स्पेशल कहानी)  – रीमा महेंद्र ठाकुर

दीपक की लौ”अचानक तेज हो गयी “ काव्या की आंखे भर आयी ”  वो सोघने लगी क्या इसबार मेरा चांद मुझे फिर नहीं नजर आऐगा ”  पिछली बार की तरह “ चार बरस हो गये,  काव्या की आंखों से झर झर आंसू गिरने लगे “ वो उठकर खडी हो गयी!  मंदिर से अटैच अपने रूम … Read more

” मेरी ‘मम्मी जी’ मेरी मां हैं ” – सीमा वर्मा

सुधा जी ‘ जया’ और अपने बेटे ‘ गौरव’ के अन्तर्जातीए प्रेम विवाह के सख्त खिलाफ थीं।  कहां उनके गोरे-चिट्टे- लम्बे और छरहरे कद का पंजाबी मुंडा ‘गौरव’ और दूसरी तरफ तीखे नयन-नक्श वाली सांवली -सलोनी ,दुबली- पतली सी बंगालन जया। उनके अनुसार इन दोनों का कहीं से कोई मेल ही नहीं है।   लेकिन … Read more

छैनू भैया की करवाचौथ  – अनुज सारस्वत

“कल करवाचौथ है,सामान लाना है मार्केट से आप उठिये ,वैसे भी सामान ज्यादा है हमारी पहली करवाचौथ जो है” मिसेज छैनू ने छैनू भैया के कान में अलार्म बजाते हुए बोला ,छैनू भैया स्विस लोक में विचरण करते हुए स्वप्न देख रहे थे कि अचानक दिये गये झटके से पृथ्वी लोक में एशिया महाद्वीप के … Read more

कभी खुशी कभी गम ! – वर्षा गर्ग

रोहन के वीडियो कॉल से हम दोनों ही बेहद उत्साहित हो गए। बेटे को देखकर कुछ भावुक भी।   कुछ देर की औपचारिक बातों के बाद “खुशखबरी है पापा मम्मी…,” कहते हुए अपने प्लेसमेंट की खबर दी उसने। ”  सब बहुत अच्छा है, कम्पनी भी और पैकेज भी।”  ” कब तक ज्वाइन करना है!”  ” जल्दी … Read more

पहेली” – मधु शुक्ला

नीति की शादी को दस वर्ष हो गये थे आज। हर वर्ष वही याद दिलाती थी विनय को, दिन भर इंतज़ार करने के बाद ” कि आज हमारी शादी की वर्षगांठ है ” विनय को कभी याद नहीं रहता था। नीति ने भी आज चुप रहने का विचार बना लिया था। लेकिन वह मन ही … Read more

अपने अपने एहसान – मीनू झा

क्या प्रीति बड़ी खुश नजर आ रही हो,कोई खास बात-अपनी सहायिका को खूब चहकता देख मैं उसकी खुशी का कारण पुछने से खुद को रोक ना पाई।बदले में मुस्का कर वो बोली –क्या बताऊँ दीदी कल करवाचौथ था ना,और   पहली बार ऐसा हुआ की राकेश पी कर नहीं आया,बल्कि नहाधो कर साफ कपड़े पहन … Read more

सास ने गम को ख़ुशी में बदल दिया – मीनाक्षी सिंह

सविता जी – नीता ,,तू फिर रोने लगी ! कितनी बार समझाया हैं तुझे कि जाने वाले वापस नहीं आते! पर तू हर वक़्त रोती रहती हैं ! मुझसे तेरा ये उदास चेहरा देखा नहीं जाता ! तेरा  पहला करवाचौथ हैं ! सब औरतें कितनी खरीदारी कर रही हैं ! बाजार में कितनी रौनक हैं … Read more

अनमोल रिश्ते – अभिलाषा कक्कड़

जीवन में सब रिश्ते होते हैं ख़ास माता पिता भाई बहन पति पत्नी और अपने बच्चे, बहुत लगाव और प्रेम से भरे हैं ये रिश्ते.. हो गया है कुछ समय इस बात को बेटे का फ़ोन आया और उसने बताया कि उसने नौकरी बदल ली है और ये नई नौकरी में उसे घर से ही … Read more

कभी खुशी कभी गम – डाॅ संजु झा

डाॅक्टर  अजय  के जीवन  में खुशियों का मेला  लगा रहता था।नियति के खेल से अनभिज्ञ  वह अपने परिवार के लिए सुखद भविष्य  के सपनों  का जाल बुनने में तल्लीन  था। अचानक  से नियति के प्रहार  से उसकी जिन्दगी अस्त-व्यस्त  हो गई।उसे दुखी देखकर उसके पिता  समझाते हुए कहते हैं -” बेटा! मनुष्य  का जीवन  तो … Read more

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