“समझौता ज़िन्दगी का” – कुमुद मोहन
ड्राइवर गाड़ी रोको!सुधी शापिंग को निकली थी!रास्ते में एक ठेलेवाले के पास किसी को देखकर उसने गाड़ी रूकवायी! उतरकर सब्ज़ी खरीदती महिला को देखकर सुधी चिल्लाई “नीता! तू यहाँ? कहकर उससे लिपटने वाली थी कि नीता संकोच से पीछे हटने लगी! सुधी और नीता बचपन से साथ पढ़ीं एक दूसरे की पक्की सहेली थीं! दोनों … Read more