पर्यावरण और इंसान – आरती झा आद्या
अवनी जब भी मौका मिलता, कॉलेज की दो चार दिन की छुट्टियों में भी रानीखेत भाग कर आ जाती है.. बहुत लगाव था इस जगह से उसे। उसकी रूम मेट्स भी हँसती कि जहाँ छुट्टियों में हम घर जाने को या नई नई जगह देखने के लिए बेताब रहते हैं… वही ये मैडम रानीखेत जाने … Read more