औलाद – देखा जो ख्वाब – मोहिनी गुप्ता
“बहू ! अब और इंतज़ार मत करवाओ , कहीं ऐसा न हो कि पोते का मुंह देखे बिना ही इस संसार से चली जाऊं !” एक साल ही हुए थे कशिश और अमन की शादी को मगर कशिश को रोज़ इसी तरह के ताने सुनने को मिलते । कोशिश तो कर रहे हैं ना हम … Read more