समय का पहिया – अनु अग्रवाल

“नीलू दीदी आ रही हैं आज….सारे शॉपिंग बैग्स अलमारी में छुपा देना….नए कपड़े देख लिए तो हूबहू अपनी बेटी के लिए भी बिल्कुल वैसा ही बना देंगी…अब इतनी हैसियत तो है नहीं कि खरीद सकें इतने महँगे कपड़े… – कामिनी ने अपनी दोनों बेटियों से अपनी चचेरी ननद के लिए कहा। नीलू दीदी की आर्थिक … Read more

काश – डा. मधु आंधीवाल

नाव्या तुम बहुत भाग्यशाली हो तुमको इतनी अच्छी ससुराल और पति मिलें हैं। नाव्या की सारी सहेलियां आज करीब 20 साल बाद आपस में बात करके एक जगह  दो दिन के लिये एकत्रित हुई थी । नाव्या बहुत समझ दार थी क्योंकि वह एक गरीब परिवार से थी । उसको बस ईश्वर ने सुन्दरता देने … Read more

जब समधी ने अपने समधी का किया तिरस्कार – सुषमा यादव

इनके नहीं रहने पर मैंने अपने श्वसुर जी जिनको मैं, बाबू, बोलती थी,उनको अपने साथ अपने कार्यस्थल शहर ले चलने की तैयारी करने लगी, क्यों कि अब घर में कोई नहीं था, मैं अपने पिता जी से मिलने अपने मायके गई,, वो भी अकेले ही थे,भाई भाभी शहर में थे, कुछ कारण वश उनके साथ … Read more

‘ सबक ‘ – विभा गुप्ता

‘ सबक ‘ – विभा गुप्ता      ” बेबी, फार्म हाउस की पार्टी तो तुम्हारे लिए है।तुम नहीं आओगी तो मैं पार्टी कैंसिल कर दूँगा।” जब आध्या ने पार्टी में आने के लिए मना कर दिया तब मयंक ने उसके गले में अपनी बाँहें डालते हुए कहा।      ” मयंक, तुम समझते क्यों॔ नहीं, मेरे पापा अकेले … Read more

मजबूरी या तिरस्कार – आरती मिश्रा

शर्मा जी सुबह सुबह स्वच्छ और ताजी हवाखोरी करने रोजाना निकल जाया करते थे। अब वक्त बेवक्त मौसम की मार तो कोई जानता नहीं तो शर्मा जी भला कैसे जानते। ऐसे ही बेवक्त मौसम की मार से ही धोखा हुआ हो नहीं तो मजाल है कि हवाखोरी किसी भी वजह से टल जाए । एक … Read more

  तिरस्कार का कलंक मिट गया – विभा गुप्ता

  ” सौदा, कहाँ मर गई, यहाँ सारा काम पड़ा है और महारानी आराम फरमा रहीं हैं।” अपनी चाची की आवाज सुनकर सौदा बोली, ” आई चाची ” और हाथ में लिए कपड़ों को बाल्टी में ही छोड़ कर वह रसोईघर की ओर चली गई। सालों से वह चाची के मधुर वचनों को सुनने की सौदा … Read more

तिरस्कार का प्रतिकार – तृप्ति शर्मा

पापा तो न करने के लिए अड़ ही गये थे इस रिश्ते के लिए ।  उन्हें नहीं समझ आ रहा था ये रिश्ता पर माँ ने बहुत समझाया ,इतने रईस घर से उनकी लाडली निभा के लिए रिश्ता आया तो घर के हालात देखते समझते हुए माँ तो अडिग ही रहीं कि शादी होगी तो … Read more

ससुराल से करेगी खुद प्यार! – मीनू झा

विवेक अपनी पत्नी को समझा…शादी का साल लगने को है पर उसका मायका प्रेम छूटने का नाम ही नहीं लेता…आज वो भाई आ रहा है,कल वो चाचा आने वाले हैं, फुफेरी बहन की शादी है तो ममेरे भाई के बच्चा हुआ है…और मां बाप के तो जो चोंचले हैं वो अलग–यमुना देवी ने अपने बेटे … Read more

जीवन का सुख – आरती झा आद्या 

आज फिर ससुर जी की चीख चिल्लाहट की आवाज से सुनिधि की सुबह हुई। दो महीने पहले शादी हुई है सुनिधि और समर की, तब से सप्ताह के हर दिन किसी ना किसी बात पर एक बार तो ससुर जी अपनी पत्नी यानी सुनिधि की सासु माँ पर चीखते चिल्लाते और नीचा दिखाने की कोशिश … Read more

इतना घमण्ड!!! – ज्योति अप्रतिम

***** आज जब उस शहर से गुजरना हुआ तो सहसा नज़र उस मकान पर चली ही गई  जहाँ पर अब केवल बर्बादी के निशां बाकी रह गए थे। वह कार जिसमें बैठे बिना ही रीमा और रमेश की बेइज्जती की गई थी आज जंग खा कर खटारा बन कर खण्डहर हुए गैराज में पड़ी थी। … Read more

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