मेरी बेटी अपनी खुशियों की बलि नहीं चढ़ाएगी – मनीषा भरतीया
सिम्मी जब तू इतनी सी थी बस पैदा ही हुई थी….तब मैंने तुम्हें अपने हाथ में लेकर अपने आप से वादा किया था….कि मैं तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी करूंगी….जिस तरह मेरी खुशियों मुझसे छीन ली गई है मैं अपनी बेटी की खुशियों को किसी को छीनने नहीं दूंगी….. कभी बेटी ,कभी बहन, तो कभी पत्नी … Read more