सहारा…. – विनोद सिन्हा “सुदामा”
चंदा मामा से प्यारा मेरा मामा…. बचपन में मैं जब भी यह गाना सुनता था तो मुझे यह गाना चंद्रमा और मामा का तुल्नात्मक चित्रण या फिर मामा भांजे का प्रेम मात्र लगता था,लेकिन जैसे जैसे समय बीता इस गाने का मर्म ,चंद्रमा का प्रेम और मामा का महत्व समझ पाया,तब और जब एकमात्र मामा … Read more