गोरे रंग पर न इतना गुमान कर 

सुरभि एक सांवली लड़की थी. लेकिन वह सांवली होने के बाद भी बहुत होनहार और काबिल थी. वह हर क्षेत्र मैं खुद को औरों से बेहतर साबित करती थी. लेकिन फिर भी उसके परिवार में उसके पिता एक सांवली लड़की होने की वजह से उसे आते जाते ताना मारते थे. लेकिन सुरभि उसके पिता की … Read more

समय का खेल 

“इस बार तो अकाल बारिश होने से हमारी फसल भी नहीं हुई… और जब हम फसल करते भी है तो पानी की कमी के कारण फसल फिर बर्बाद हो जाती है. ऐसे में हम दिन-ब-दिन बूढ़े भी होते जा रहे है हम गांव में रहकर और अकेला गुजारा नहीं कर सकते…” “हां जी तभी तो … Read more

जैसी करनी वैसी भरनी

धर्मपुर नाम का एक गांव था. लेकिन उस गांव में रहता भोलाराम अपने धर्म से चूक गया था. भोलाराम की एक अकेली मां थी जो अपने पति के मृत्यु के बाद भोलाराम को अकेले पाल कर, और खेत खलिहान का सारा कारोबार संभाल कर सारी संपत्ति जमा की. और खुद मेहनत करके दिन गुजारा किया. … Read more

बुनियाद – ऋतु अग्रवाल 

आज गंगा बहुत बेचैन थी। ना जाने, मन में कैसे-कैसे भाव आ रहे थे। इन्हीं भावों की परिलक्षितता उसके उठान में दिख रही थी। बड़ी ही तीव्रता से लहरें उठती और उसी वेग में गिरकर वापस लौट जाती। गंगा से जब रहा नहीं गया तो वह सरस्वती को पुकारने लगी,” सरस्वती! छोटी! कहाँ हो तुम? … Read more

प्रेम। “एक अनोखी प्रेम कहानी” – कुमुद मोहन 

“हैप्पी बर्थ डे टू यू” चंदा से दस साल छोटे भाई का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा था! वह मायूस सी कभी घर की सजावट कभी केक तो कभी मां-बाप के खिले चेहरे देखती तो  उस का भी बहुत मन करता उसका भी जन्मदिन मनाया जाए! वह अपनी मां सुधा से पूछती” मेरा जन्मदिन … Read more

दो फूल एक माली – डॉ. पारुल अग्रवाल

आज सिया ने रिद्धि और सिद्धि दोनों को कानूनी तौर तरीके से भी अपना बना लिया था। कल इसी उपलक्ष्य में घर में पूजा रखी गई थी। बहुत सारे रिश्तेदारों और मित्रों को आमंत्रित किया गया था। रात को सोने के समय भी सिया की आंखों से नींद गायब थी। रह-रह कर उसकी नज़र रिद्धि … Read more

तुम लगती ही नहीं शादीशुदा हो – मीनाक्षी सिंह 

विनीत – सुरभी ,क्या यार तुम हमेशा अपने मन की ही क्यूँ करती हो ! तुम कभी कहीं बाहर जाती हो तो मंगलसूत्र क्यूँ नहीं पहनती जो मैने तुम्हे शादी पर पहनाया था !  सुरभी – क्या यार विनीत ,तुम्हे पता हैँ वो ओल्ड फैशन हो गया हैँ ! कितना लम्बा हैँ वो और डिजाईन … Read more

असली गहना तुम हो!  -मनीषा भरतीया

क्या बात है, रवि तुम्हारा मुंह इतना लटका हुआ क्यों है… वो भी करवा चौथ के दिन??? वो मैं आज तुम्हारे लिए तोहफा नहीं ला पाया….मुझे पता है…तुम सुबह से  अपने तोहफे का इंतजार कर रही होगी …. हमारी शादी को 6 साल होने वाले है….और मैं लगातार 5 सालों से करवा चौथ पर तुम्हें … Read more

 तुम कितनी बदल गई हो – सीमा वर्मा

” अरे वाह !  माँ आपने तो इसे फ्रेंड बना लिया है “ शाम के पाँच बजे रहे थे … ‘ जया’ बुरी तरह झेंप गई। अभी बहुत हिम्मत कर के वह अपने पाँव में जूते डाल जैसे ही उस विशाल झबरैले माईलो के गले में पड़े पट्टे को थाम कर सैर के लिए निकलने … Read more

असली चाकलेट दिवस – डा. मधु आंधीवाल

————————— अरे शुभी ये कौन खांस रहा है इतनी देर से पार्टी का पूरा मजा खराब कर दिया ये शब्द थे शुभी की मार्डन सहेली रोमा के । शुभी ने कहा घर की एक बुजर्ग नौकरानी हैं ।एक बहुत आलीशान कोठी का यह बेहतरीन ड्राइंगरुम जिसमे धनाढ्य परिवार के बिगड़े हुये नौनिहालों की पार्टी चल … Read more

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