स्वाभिमान अपना अपना – सुभद्रा प्रसाद
“शादी की सालगिरह मुबारक हो, भैया- भाभी |” नैना ने अपना उपहार देते हुए चहक कर कहा | “ओ नैना, तुम यहाँ, कैसे? ” उसके भैया रवि ने पूछा | “रंजन की बदली इसी शहर में हो गई है |हम दो महीने पहले ही यहाँ आये हैं |आज आपकी शादी की सालगिरह पर अचानक आकर … Read more