औलाद – ऋतु गर्ग

वह नव दंपति अभी कोई बच्चा अपनी जिंदगी में नहीं चाहते थे। अभी कुछ माह पूर्व ही तो उनकी शादी हुई थी। यह एक और आफत! हां !यह आने वाले बच्चों को समय से पहले आने वाली आफ़त मान रहे थे।        दोनों ने फैसला किया कि हम डॉक्टर सुनीता के पास चलते हैं क्योंकि हमें … Read more

मोक्ष की आस – डॉ. पारुल अग्रवाल

आज श्रुति को उसके समाचार पत्र के मालिक गुप्ता जी का फोन आया कि उसे किसी पिचासी वर्ष आयु के वृद्ध विशम्बर नाथ जी का साक्षात्कार लेने जाना है। श्रुति के लिए थोड़ा आश्चर्य की बात थी क्योंकि उसने ये नाम प्रथम बार सुना था। गुप्ता जी वैसे भी आसानी से किसी का साक्षात्कार नहीं … Read more

किसी से ना कहना – सुषमा यादव

सोनाली  बहुत दिनों से भयंकर खांसी से परेशान थी, खांसते खांसते अधमरी हुई जा रही थी,सब घरेलू, एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक दवाइयां का ली,पर कुछ असर नहीं होता, डाक्टर को दिखाया, एक्सरे, ब्लड टेस्ट हुआ, रिपोर्ट देखते ही डाक्टर हड़बड़ा कर बोले,आप तुरंत ही अपना इलाज बाहर जा कर कराईये, सोनाली ने हल्के से मुस्कुराते हुए … Read more

ख्वाइशों के बुलबुले – कविता भड़ाना

“मैं चली मैं चली, देखो प्यार की गली मुझे रोके ना कोई, मैं चली मैं चली” जब जब सायरा बानो जी का ये गाना देखती हूं, मेरे हृदय पर जैसे सांप लोटने लगता है, तन बदन में आग लग जाती है और ईर्ष्या के मारे मेरा ब्लड प्रेशर हाई होकर ब्लास्ट हो जाता है…. अरे … Read more

सन्तुष्ट मन – नंदिनी 

काव्या की शादी एक भरे पूरे परिवार में हुई वक्त कहाँ निकल जाता पता ही नहीं चलता ।चुलबुली सी सबका मन जीतने वाली । ज्यादा ख्वाहिशें थीं नहीं, पढ़ाई में अच्छी थी पर क़भी जॉब या किसी प्रोफेशन में जाने का सोचा नहीं घेरलू कार्य में ज्यादा रुचि रही ओर पढ़ाई पूरी होते ही अच्छा … Read more

एक ऐसा रिश्ता – मधु झा

जो तुमने किया ,वो तुम थे,जो मैंने किया ,वो मैं थी,, जो तुम कर रहे ,वो तुम हो , जो मैं कर रही ,वो मैं हूँ,, जो तुम करोगे ,वो तुम होगे, जो मैं करूँगी,वो मैं रहूँगी,, और इस मैं और तुम में बहुत अंतर था,,और रहेगा भी,, अफ़सोस कि मैं और तुम कभी हम … Read more

क्या भाग्य है !! – भगवती सक्सेना गौड़

रीमा अपनी सबसे प्यारी करीबी सखी करुणा की बहू अमिता से हर हफ्ते एक बार फ़ोन पर बात कर ही लेती थी। एक दुर्घटना में करुणा बुरी तरह घायल हो गयी थी,  दो वर्ष से बिस्तर पर ही थी, और उनका सारा काम उनका बेटा श्रवण और बहू अमिता ही करते थे। आज के युग … Read more

ऐसी औलाद भगवान किसी को ना दे – मीनाक्षी सिंह 

विनय – माँ ,कहाँ हो आप ??  सीमा जी (विनय की माँ ) – बोल विनय ,क्या हुआ इतनी जोर से आवाज क्यूँ लगा रहा हैँ ,बहरी नहीं हूँ मैं ! खाना बना रही थी !  विनय – माँ ,कोर्ट से नोटिस आया हैँ ! आपको कल जाना हैँ !  सीमा जी -किस बात का … Read more

कल आज और कल” – कविता भड़ाना

“एक सवाल हमेशा मेरे मन में रहा है,क्या हमारे ये वरिष्ठ नागरिक अर्थात् हमारे बड़े बुजुर्ग, सदा सही कार्य ही करते है?… जिंदगी के खट्टे मिट्ठे, गम के पल, खुशी के पल, इतने अनुभवों के होने के बाद भी क्यों ये कभी कभी अनुभवहीन जैसा बर्ताव करते है। जीवन के आखिरी मोड़ पर आकर, जहां … Read more

संतान तो संतान होती है” – ऋतु गुप्ता

कनक ने अपनी 6 माह की बेटी मिट्ठू को नहला कर दूध पिला कर तैयार कर दिया है,आज अहोई माता के व्रत का दिन है।उसकी दोनों जेठानियां पारुल और पायल अहोई माता का व्रत रखती आई है, क्योंकि उन दोनों के पास ही दो – दो बेटे है। कनक भी  अहोई माता का व्रत अपनी … Read more

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