हमार समधिन बहुतै प्यारी – सुषमा यादव

जी हां, सही सुना आपने,हम आये हैं बेटी , दामाद के घर पेरिस। अब हम इतनी दूर से आए हैं तो भई, हमारी समधन हमसे मिलने जरूर ही आयेंगी। उनके साथ समधी जी भी आये, समधिन जी,हम सबके गले लग कर गालों पर पुच्च, पुच्च की,अब आये समधी जी आगे, बच्चों से मिले और हमारी … Read more

मोर्चे – मुकुन्द लाल 

 प्रचंड धूप की तपिश के साथ-साथ ग्राम कचहरी का वातावरण भी गर्म होता जा रहा था। पंँचायत में उपस्थित मुखिया, सरपंच और पंँचों के उठाये गये प्रश्नों का जवाब रविप्रकाश के गिरोह के सदस्यों द्वारा दिया जा रहा था, जिसको फरियादी पक्ष अपने बहस के माध्यम से काट रहा था। रविप्रकाश के कुख्यात आदमियों और … Read more

दिल की दुआ – लतिका श्रीवास्तव 

वो कुछ नहीं करता है… वो कौन..!मेरा बेटा सूरज …! हां वो कुछ ऐसा नहीं करता जो आज कल की दुनिया में कुछ करने लायक की परिभाषा में फिट हो सके..मसलन मेरे   भाई का लड़का पूरी यूनिवर्सिटी में टॉप किया है और अभी विदेश में जॉब ऑफर मिला है….करोड़ों का ऑफर है….अब वो वहीं … Read more

औलाद – कामिनी मिश्रा कनक

चंदन के घर पर हर साल गणेश चतुर्थी के दिन गणपति जी की स्थापना की जाती है ।       इस साल चंदन के पिता बहुत बीमार हैं …… जिसकी वजह से चंदन की माँ ने चंदन को गणपति जी को लेने के लिए अकेले बाहर जाने से मना कर दिया । चंदन बहुत परेशान है कि … Read more

बेटियां मायके मे बेटे का नही एक माँ का फर्ज निभाती है – संगीता अग्रवाल

” माँ एक ऐसा शब्द जो दुनिया का सबसे छोटा शब्द है पर है कितना विशाल । इस एक शब्द मे औलाद की सारी दुनिया समाई होती है और ये शब्द जब है से थी मे बदलता है तो लगता है सारी दुनिया उजड़ गई हो । माँ है से माँ थी तक आना बच्चो … Read more

बोया पेड़ बबूल का, तो आम कहां से खाओगे…? – रोनिता कुंडू

 बेटा..! थोड़ा बाथरूम तक ले चल मुझे…! कब से चिल्ला रहा हूं…?  मदन जी ने अपने बेटे कार्तिक से कहा…  कार्तिक:  ओह…हो… तंग आ चुका हूं अपने जीवन से… ऑफिस से थक कर घर आओ, फिर इनकी चाकरी में लग जाओ… चलिए…! बस मेरा अब यही काम ही तो रह गया है… कार्तिक ने चिढ़ते … Read more

खुशनसीब पिता – गुरविंदर टूटेजा

राजीव की पत्नी को गुजरे दो साल हो गये थे वो मान नहीं रहे थे पर माँ व दीदी ने पीछे पड़कर दूसरी शादी करा ही दी…रीमा जब उनकी पत्नी बनकर आयी तो साथ में चार साल का बेटा वंश भी लाई…!!!!    उसने पहले दिन ही एक शर्त राजीव के सामने रखी कि वो अब … Read more

बे-औलाद – माता प्रसाद दुबे

पापा! क्या मम्मी अब नहीं आएगी?”सात साल की बच्ची रिया अपने पापा रजनीश से सवाल करते हुए बोली।”हा बेटी!अब तुम्हारी मम्मी यहां नही आएगी?”रजनीश अपनी बेटी रिया को दुलारते हुए बोला।”ठीक है..पापा!वह न ही आए तो अच्छा है..हमेशा दादी और आपसे लड़ाई करती है..मुझे भी डांटती रहती है..जरा भी प्यार नहीं करती मुझसे वह बहुत … Read more

बे औलाद ही सही – के कामेश्वरी

सुबह से कंचन और उसके बेटे शान के बीच कहा सुनी हो रही थी। शान अपनी जिद पर अड़ा हुआ था कि आप इस घर को मेरे नाम कर दीजिए बस यही एक रट लगाए बैठा था आगे कुछ सुनने के लिए तैयार नहीं था । हम दोनों तब ही बात करेंगे कहकर पैर पटकते … Read more

संस्कारी बेटा – मीनाक्षी सिंह 

शर्मा जी ,आपके बेटे ने पिछली साल भी तो एसएससी का पेपर दिया था ,इस साल भी दे रहा हैँ ! पास नहीं हुआ था क्या ?? पड़ोसी पांडेय जी चुटकी लेते हुए शर्मा जी से बोले ! हाँ जी ,फिर से दे रहा हैँ ,दो नंबर से रह गया था ! शायद उतनी मेहनत … Read more

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