माफी – दीपा माथुर

आज सन्डे को कहा जा रही हो?शिवी को अलमारी से कपड़े निकालते हुए प्रतीति ने पूछा हताशा और गुस्से में सिर हिलाते हुए शिवी ने जवाब दिया ” क्या मॉम सन्डे ही तो एक दिन होता मजे से घूमने के का”वही एक सन्डे हमारे लिए भी तो होता है ना बेटा की हम अपने बच्चो … Read more

पुत्र ऋण – आरती झा आद्या

फिर से उस घर में शहनाइयां गूंज रही थी और पांच साल का सन्नी उस गहमागहमी को टुकुर टुकुर देख रहा था। उसे तो बस इतना ही पता था कि उसकी मां जो उसे एक साल पहले छोड़कर भगवान के पास चली गई थी, वो दूसरा रूप लेकर फिर से उसके पास आ रही है … Read more

त्रिभुज के तीन बिन्दु – पुष्पा जोशी

त्रिभुज के तीन बिन्दु ही तो थी हम तीनों, सामली, रुपाली,और मैं कहानी। तीनों की विचारधारा भिन्न, तीनों की ख्वाइशें भिन्न, शोक भी भिन्न फिर भी तीन रेखाएं थी जो हम तीनों को जोड़े हुए थी।पहली हम तीनों एक ही कॉलोनी में रहती थी, दूसरा तीनों मध्यम वर्गीय परिवार से थी, तीनों एक ही कॉलेज … Read more

धोखा तो था लेकिन – डॉ. सुनील शर्मा

सीमा और राकेश की शादी को अभी दो सप्ताह ही हुए थे. विवाह परिवारों तथा एक जानने वाले के द्वारा हुआ था. राकेश किसी कम्पनी में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर था. सीमा ने तो एम बी ए करके अभी ज्वाइन ही किया था. देखने में राकेश काफी हैंडसम था. सीमा से पहली मुलाकात एक … Read more

एक माफ़ी ने बिगड़ने से पहले रिश्ते सुधार दिए – रश्मि प्रकाश

रोते रोते कब राशि की आँख लग गई थी उसे पता ही नहीं चला था… अचानक से पास में ही सो रहे उसके दस दिन के बेटे कुश के उठकर रोने की आवाज सुन उसकी आँख खुल गई…. उसे छाती से चिपका दूध पिलाने लगी  और वो दूध पीते पीते फिर से सो गया। राशि … Read more

किसे माफ़ी मांगनी चाहिए..? – रोनिता कुंडू

सुनिए जी..! वरुण आजकल बड़ा उदास सा रहता है… ना किसी दोस्त से मिलता है… और ना ही कोई मौज मस्ती करता है… रमा ने अपने पति मुकुल से कहा.. मुकुल: वह कुछ नहीं.. एग्जाम्स आ रहे हैं उसके, शायद पढ़ाई में मन लगा रहा होगा… वैसे अच्छा ही तो है, मौज मस्ती के लिए … Read more

दादी का पेंशन – उमा वर्मा

दादी, दादी देखो ये तुम्हारा पेंशन आ गया मंजूर हो कर ।मीरा चिल्लाती हुई दादी के कमरे में भागी ।” अब उठो भी दादी,कितना देर तक सोती रही हो” दादी का हाथ पकड़ कर बैठ गयी वह ।” यह क्या? दादी का हाथ तो एक दम ठंढा है” अम्मा, देखो न दादी को” सरला दौड़ … Read more

“मुझे माफ कर दो रिया – अनुराधा श्रीवास्तव “अंतरा “

कुछ तो बोलो, यूॅं चुप मत रहो। मैं कभी ऐसी गलती दोबारा नहीं करूॅंगा।’’ रिया बिल्कुल चुपचाप सोफा के एक कोने पर बैठी थी, न उसके चेहरे पर गुस्सा था ना दुख जैसे वो पहले से ही तैयार थी इस पल के लिये लेकिन अन्दर ही अन्दर वह जाने कितने झंझावतों से लड़ रही थी।  … Read more

पिता का क्षमादान – सरोज माहेश्वरी

 भारत के एक गांव में रामदीन अपनी पत्नी ,बच्चे के साथ रहते थे। अपनी थोड़ी सी पुश्तैनी ज़मीन पर खेती बाड़ी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। खुद्दारी इतनी किसी से भी कोई मदद न लेते। उनका एक बेटा रोहित था …. रोहित उनकी जान था। रामदीन बेटे को पढ़ा लिखा कर योग्य … Read more

समान अधिकार – स्नेह ज्योति

हम दोनो भाईयों का छोटा सा परिवार एक ही छत के नीचे अपने गाँव में रहता था । जब बाबू जी की तबियत ख़राब रहने लगी तो बड़े भाई ने बाबू जी से वसीयत बनाने को कहा, करते क्या ना करते बाबू जी ने पेपर बनवा के दोनो भाईयो के हिस्से बराबर कर दिए । … Read more

error: Content is protected !!