छल – कमलेश राणा

बहुत भाग्यशाली हो आभा तुम जो आज के जमाने में तुम्हें इतनी केयर करने वाली बहू मिली है।  हाँ रजनी यह तो सही कह रही हो तुम लेकिन मैं भी तो उन्हें बहुत प्यार करती हूँ हर समय उनकी मदद को तत्पर रहती हूँ कभी किसी चीज़ की कमी नहीं होने देती और उनके पापा … Read more

व्यर्थ का दिखावा – रश्मि प्रकाश

सभी से आग्रह किया गया था वो अपने साथ एक ही चीज लेकर आएँगे और कुछ भी लेकर आए तो वो हम स्वीकार नहीं कर सकेंगे । सजी धजी हवेली और भव्य पंडाल ये किसी को भी अपनी ओर खींच सकता था पर गेट पर तैनात जवानों को देख बिना न्योता अंदरआने की हिम्मत कोई … Read more

गलती का अहसास – के कामेश्वरी 

रमेश और रचना के तीन बच्चे थे । सबसे बड़ा लड़का शिशिर था उसके बाद जूही और ख़ुशबू । रचनाके घर जो भी आते थे उनके बच्चों के नाम सुनकर कहते थे तुम्हारा घर तो बाग है । शिशिर नेइंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और एक बहुत बड़े कंपनी में नौकरी करने लगा था । … Read more

एक शादी ऐसी भी – सुषमा यादव

किसी शादी में चले जाएं तो लोग इतना दिखावा करते हैं,हम हैरान रह जाते हैं। उनके पास इतना पैसा नहीं होता है कि वो अमीरों या उच्च मध्यम वर्गीय लोगों जैसे पानी की तरह बेतहाशा पैसा शादी में बहाएं। पर कुछ लोग दिखावे में आकर खूब धूमधाम से शादी करेंगे। वो भला किसी से क्यों … Read more

सबसे बड़ा दान ( अन्न दान) – ऋतु गुप्ता

आज रवि बहुत जल्दी में था, उसे ऑफिस से निकलने में समय ज्यादा हो चुका था। उसे अपनी बेटी आर्या के जन्मदिन के लिए केक का ऑर्डर देना था, जो 2 दिन बाद है।उसने अपनी बेटी से वादा किया था कि इस बार उसके जन्मदिन को यादगार बना देगा।  वह नहीं चाहता था कि उसकी … Read more

शौक या दिखावा – रंजू अग्रवाल “राजेश्वरी’

मई में मुक्ता दीदी के बेटे की शादी थी ।मायके और ससुराल दोनों ही पक्षों के लोग अति उत्साहित थे ।हो भी क्यों न …एक तो परिवार की शादी ऊपर से मुक्ता दीदी के शान शौकत की वजह से चर्चाओं का भी जोर था ।कोई कह रहा था शादी में पचास लाख खर्च होंगे ,कोई … Read more

खुला दरवाजा – डा.मधु आंधीवाल

दामिनी शर्मा एक ऐसा नाम जिसे लोग बहुत सम्मान से लेते थे ।  निर्भीक, निडर और स्पष्ट बोलने वाली  सबकी प्रिय एक रुतबा था उनका । परिवार को बहुत ही प्यार से और  करीने से सींचा था । सीमित संसाधनों में अपने बच्चों के साथ साथ  परिवार के अन्य बच्चों को भी अपने पास रख … Read more

आखिर इतना दिखावा क्यों…? – रोनिता कुंडू

पापा..! देखिए मेरी फ्रेंड शीना की शादी के फोटोग्राफ्स… उसकी शादी कितनी खास तरीके से हुई है… देखिए पुल वेडिंग… कितना ऑसम है ना..! पापा..! आप मेरी भी ऐसी ही शादी करवाएंगे ना..? अनोखी ने अपने पापा मुकुंद जी से कहा… मुकुंद जी: बेटा..! शीना के पापा खानदानी रईस लोग हैं… उनके लिए यह सब … Read more

दिखावटी प्यार… – संगीता त्रिपाठी

रीना घर के कम खत्म कर बालकनी में मोबाइल ले कर बैठ गई, फेसबुक खोला तो पहली पोस्ट उसकी सहेली प्रिया के पति शिशिर की दिखी.., अपनी और प्रिया की खूबसूरत पिक डाल कर उन्होंने कितनी शेर -शायरी लिख कर प्रेम का इजहार किया है ..कितना प्यार करते है शिशिर प्रिया से…. एक मेरे पति … Read more

दूसरी शादी और दोहरा मापदंड – मुक्ता सक्सेना

नोट – आज की कहानी में सिर्फ एक ही व्यक्ति के परिपेक्ष्य में ही लिख रही हूं। बहुत सारी घंटनाक्रमों का समीकरण है जिसे आप लोग समझ सकते है। नाटकीय रूप देने का मन नहीं है क्युकी जो सच्ची बातें है, उनका क्या नाटकीय रूप देना। किसी के व्यवहार से मेल खाए और उसे बुरा … Read more

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