बेटियां भी बुढ़ापे का सहारा बन सकती है – अलिफशा सैफी

“लीजिए भाभी मुंह मीठा कीजिए।” आशीष जी ने अपनी भाभी रमीला जी को मिठाई देते हुए कहा। रमीला जी मिठाई मुंह में रखकर बोली।” देवर जी किस चीज की मिठाई बाटी जा रही है। लगता है अबकी बार तो बेटा हुआ है देवरानी जी को।”” नहीं भाभी बेटा नहीं दूसरी भी लक्ष्मी ही आई है। … Read more

बहू ..तुमने समझने मैं गलती कर दी!!!

नव्या को ससुराल आए हुए एक साल हो गया था घर की जिम्मेदारी भी  अधिकतर उसने सम्हाल ली थी लेकिन आज भी सासू मां से ही पूछ कर खाना बनता ,महीने का राशन हो या कभी ज्यादा लोगों को खाना बनना हो तो सासू मां खुद रसोई सम्हालती नव्या को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं … Read more

घमंड – डाॅ संजु झा

कुछ  दिनों पहले हमारी सोसायटी के मुख्य द्वार पर मजमा लगा हुआ  था।एक चालीस वर्षीया महिला बेखौफ होकर  सिक्यूरिटी गार्ड  को थप्पड़ मार रही थी और उसकी शर्ट को भी शरीर से खींचकर फाड़ रही थी।सिक्यूरिटी गार्ड के सहायक और सोसायटीवाले मूक-वधिर बनकर तमाशा देख रहे थे।हाँ!कुछ लोग वीडियो जरुर बना रहे थे।इसी बीच इतना … Read more

पतिव्रता स्त्री : के कामेश्वरी

विनीता के घर के सामने बहुत से लोगों की भीड़ लगी हुई थी ।सब लोग विनीता के दर्शन करने के लिए खड़े थे । विनीता कोई नेता थी नहीं ईश्वर थी नहीं वह तो एक साधारण सी महिला थी । लोग उसे पतिव्रता कहते हैं । लोगों का कहना था कि उसका पति उसे इतना … Read more

घमंड टूट गया – गीता वाधवानी

शालीमार बाग़ में आशा के घर के सामने वाला घर, सोनिया ने खरीदा था। यह एक दिल्ली का पॉश इलाका माना जाता है। सोनिया ने आशा के घर की घंटी बजाई। आशा ने जब दरवाजा खोला तो देखा कि सामने एक सुंदर किंतु साधारण, बालों में तेल लगा हुआ और एक चोटी बनाई हुई, महिला … Read more

रुक्मिणी –  वीणा सिंह : moral stories in hindi

रुक्मिणी अपनी बेटी सुमन और उसके दोनो बच्चों के साथ मुझसे मिलने आई थी.. देखो भाभीजी सुमनी और उसके दोनो बाल गोपाल को.. मांग में दप दप सिंदूर की गहरी रेखा माथे पर बड़ी सी बिंदी लाल चूड़ियों से भरी कलाई और चेहरे पर खुशी शर्म और बेफिक्री के भाव सब मिलाकर सुमन बहुत सुंदर … Read more

नौटंकी वाली- पिंकी नारंग

अगर उसका बस चलता तो वो कभी इस बेदिल शहर मे वापिस नहीं आती |कहने को तो बनारस उसका अपना था, पर ये अपनापन तो बरसो पहले किसी ने उससे छीन लिया था |तभी तो वो इस शहर को पराया करके, अपनी यादो तक को यहाँ छोड़ कर दिल्ली बस गयी थी | पर जब … Read more

टूटे सपने – कमलेश राणा

साहिल और पराग दोनों बचपन से ही साथ पढ़े थे दोनों की दोस्ती इतनी पक्की थी कि लोग मिसाल देते। मज़ाल है कोई उनके बारे में एक शब्द तो कह जाये दूसरे के सामने तुरंत मरने- मारने पर उतारू हो जाते पर उनकी दोस्ती निभना भी आश्चर्य की ही बात थी क्योंकि दोनों का स्वभाव … Read more

जीवन संध्या की छाया – प्राची लेखिका : Short Stories in hindi

सरला जी जाड़े में घर के आंगन में धूप सेंक रही थी। तभी उनके दरवाजे पर सरकारी गाड़ी आकर रूकती है। वह घबरा जाती है कि पता नहीं क्या बात हो गई? तभी गाड़ी से एक लड़की जिसका चेहरा उन्हें कुछ जाना पहचाना सा लग रहा था। उतर कर उनके पास आती है। माँ जी … Read more

वक्त बदलता है – शिप्पी नारंग : moral stories in hindi

नीता को लगा कि अभी उसके दिल की धड़कन रुक जाएगी और वह मर ही जाएगी ..पर ऐसा होता है क्या भला…? वक्त कैसे रुख  बदल देता है यह शायद उसे पता ना था वरना वह ऐसा करती ही ना, पर अब अनहोनी तो हो ही गई ना उसकी नजर में ।  नीता को लग … Read more

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