घमंडी चेहरा – माता प्रसाद दुबे : Short Hindi Kahani

सुबह के आठ बज रहे थे,काम वाली बाई की राह देखते हुए रागिनी गुस्से से लाल पीली हो रही थी,घर का सारा काम काम वाली बाई के देर से आने की वजह से काफी देर से होता था,रागिनी खुद कुछ भी नहीं करती थी,वह हमेशा अपने चेहरे की खूबसूरती निहारतीं रहती थी,वह खुद को किसी … Read more

अमीरी का घमंड – आस्था सिंघल

धनराज यादव एक बहुत बड़ा बिजनेस मैन है। पिछले दस सालों में उसने करोड़ों की सम्पत्ति अपने नाम की है। आलीशान बंगला, छह- सात गाडियांँ , नौकर चाकर क्या नहीं है उसके पास। बस उसके पास अपने परिवार को देने के लिए वक़्त नहीं है। वह उनपर  केवल धन दौलत की बारिश कर सकता है। … Read more

घमंड की आग – सरोज माहेश्वरी

आज परदेश की भूमि पर हिन्दी के सम्मान में एक भव्य आयोजन रखा गया था । यह अमराती मुल्क का दुबई शहर था। प्रमुख सभागार में जैसे ही सुप्रसिद्ध कवयित्री स्वाति ने मंच पर पदार्पण किया, सम्पूर्ण सभागार करतल ध्वनि से गूंज उठा। स्वाति के हिन्दी काव्य पाठ ने उपस्थित सभी श्रोताओं को भावविभोर कर … Read more

 साक्षात लक्ष्मी – ऋतु गुप्ता : Best Hindi Kahani

दीपावली की खुशनुमा दोपहर पूरा परिवार सुबह की पूजा व खाना प्रसाद के बाद शाम को होने वाली पूजा की तैयारी में लगा था। निर्मला देवी बैठी बैठी अपनी बहु वृन्दा को रंगोली बनाना समझा रही थी, वृंदा भी बहुत मन से अपनी सास के द्वारा बनाई हुई रंगोली के तौर तरीके सीख रही थी।इतने … Read more

घमंड – संगीता श्रीवास्तव : best hindi stories

अंजलि मुंहफट औरत थी। उसे किसी को भी नीचा दिखाने में मजा आता था।   उनके पति अच्छे ओहदे पर पोस्टेड थे।वह स्वयं तो खूबसूरत थी ही और बेटी मां से भी खूबसूरत। किसी को अपने में लगाती‌ नहीं थी। एक दिन बातों ही बातों में, अंजलि अपनी देवरानी निर्मला से कहने लगी,”क्या करोगी निर्मला! … Read more

 घमंड दौलत का – पुष्पा जोशी

विनिता की बेटी का विवाह सआनन्द सम्पन्न हो गया। बिटिया की बिदाई का अवसर था, विनिता का मन भारी हो रहा था,शीतल उनकी इकलौती बेटी थी। वह बिदाई की रस्मों की तैयारी कर रही थी, तभी उसके फोन की घंटी बजी, बड़ी भाभी सुजाता का फोन था। विनिता ने फोन उठाया, आवाज आई – ‘यह … Read more

घमंड पेंशन का –  अनिता शर्मा

“क्या बात है शारदा बड़ी चमक रही हो? साफ कपड़े साफ चादर और मेरे आने पर इतनी जल्दी चाय नास्ता आ गया लगता है बहू खूब सेवा करती है।,, ” हाँ जीजी करती तो है पेंशन है तो सब सेवा कर रहे हैं वरना कोई पूंछे न।,, बरामदे में पड़ोस की ताई के साथ बैठी … Read more

घमंड चकनाचूर हुआ – सुभद्रा प्रसाद

श्यामा आज बहुत खुश थी |आज उसके पोते हर्ष का  जन्मदिन था  |वह अपने बेटे सूरज, बहू रचना, पांच वर्षिय पोते हर्ष और दो साल की पोती हर्षिता के साथ मंदिर आई थी |पोते और पोती के जन्मदिन पर वह  सपरिवार सुबह मंदिर आती थी | पूजा करती और उनके हाथों से  मंदिर के बाहर … Read more

नेमप्लेट – डॉ. पारुल अग्रवाल

कल आकाश और सिया की शादी की पांचवी सालगिरह है। पांचवी है इसलिए आकाश ने इसको थोड़ा अलग तरह से मनाने की सोची है। उसने सिया को उपहार में एक फ्लैट देने की सोची है जिसके पेपर्स पर सिर्फ उसका ही नाम होगा हालांकि ये घर आकाश और सिया दोनों की खून-पसीने की कमाई का … Read more

पितृ दोष – शुभ्रा बैनर्जी 

समीर ने कई बार कहा था अम्मा और बाबूजी से,शहर में उसके पास आकर रहने के लिए।बाबूजी हर बार कुछ ना कुछ बहाना‌ करके टाल जाते थे।अम्मा का बड़ा मन होता था अपने बेटे के घर आकर रहने का,पर पति की इच्छा के चलते मन मारकर रह जातीं थीं।बाबूजी एक स्कूल मास्टर थे।थोड़ी बहुत खेती … Read more

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