घाव हरा करना – सुदर्शन सचदेवा

कालेज का वार्षिकोत्सव था। पूरा कैंपस रोशनी और रंगों में डूबा हुआ था। हर ओर हँसी, संगीत और दोस्तों की बातें। आयुषी भी मंच की तैयारियों में व्यस्त थी। तीन साल बाद वह फिर से कल्चरल टीम की लीडर बनी थी। पर आज कुछ अलग था — उसका दिल अजीब-सा भारी लग रहा था। उसी … Read more

भागी भगोड़ी बेटी – डॉ बीना कुण्डलिया 

बारह बर्ष पहले घर छोड़कर चली गई नमिता, आज घर लौट कर आ रही है । जिन्दगी की भागदौड़ से थककर सुकून की तलाश करती उसकी वापसी हुई। उसने देखा कितना कुछ बदल गया। उसका वो छोटा सा कस्बा कच्ची पगडंडियों की जगह सड़क बन गई। जगह जगह बस स्टॉप बन गये । पहले जब … Read more

कलह – खुशी

रजनी शादी हो कर एक भरे पूरे घर में हुईं थी।जहां सास सरस्वती और ससुर घनश्याम पति राघव देवर धीरेन और बहन राधा ऐसा परिवार था।ससुर की परचून की दुकान थी।राघव सेल्स मेन था जो एक साबुन की कंपनी में काम करता था।धीरेन एक फर्म में नौकरी करता था। राधा बारहवीं कक्षा में पढ़ती थी।सास … Read more

ईगो – गीता वाधवानी

 आज फिर मीनाक्षी ने रो कर अपनी मां को फोन किया था।   मीनाक्षी ने कहा -” मम्मी देखिए ना, आज संदीप फिर से सुबह-सुबह कलह करके ऑफिस गया है और उसके इस रोज-रोज के क्लेश के कारण मेरा मूड खराब हो जाता है। आज भी ऐसा ही हुआ और मैं ऑफिस से छुट्टी लेकर बैठ … Read more

अंतिम निर्णय – दिक्षा_बागदरे

मधुर और राइमा लगभग 25 सालों का दांपत्य जीवन साथ बिता चुके थे। मगर पिछले कुछ समय से दोनों के बीच एक शीत युद्ध  चल रहा है।  ऐसा नहीं था कि उनके बीच कभी कोई वाद-विवाद ना हुए हो। वाद-विवाद तो हर पति-पत्नी के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।  यह कहानी घर-घर की … Read more

मैंने अपना फर्ज निभाया है – विनीता सिंह

कश्मीर की वादियों में भारत पाकिस्तान के बॉर्डर के पास एक गांव जहां के लोग चरवाहे या फिर लोग की नांव में सब्जियां बेचकर अपना गुजारा करते थे।यह गांव कश्मीरी पंडितों का था लेकिन ज्यादातर लोग गांव छोड़कर जा चुके थे लेकिन अर्जुन के दादा जी ने कहा इस गांव के पुरोहित भगवान दास जी … Read more

कलह – विनीता सिंह

प्रभाकर जी और सुनीता जी के एक बेटा था उसका नाम विश्वजीत था । वह विदेश में पढ़ने गया। प्रभाकर जी रिटायर हो चुके थे ।दोनों पति-पत्नी अपने घर में रहते प्रातः काल उठकर सुनीता जी पूजा पाठ करती। प्रभाकर जी सुबह टहलने जाते। उसके बाद पेड़ पौधों की देखभाल करते। दोनों एक साथ बैठकर … Read more

जहर का घूंट पीना – मीनाक्षी गुप्ता

 एक बड़े से शहर के बीच में कहीं एक छोटा-सा घर था। इस घर में राधा अपने पति रमेश और तीन मासूम संतानों— गीता (9), कोमल (7) और अमन (5)— के साथ रहती थी। एक समय था जब यह लोअर-मिडिल क्लास परिवार सुख-शांति से भरा था। रमेश एक कंपनी में काम करता था, पर उसकी … Read more

क्या यही संस्कार है –

रात के सन्नाटे में रिया खिड़की के पास बैठी थी। बाहर बारिश की बूंदें काँच पर दस्तक दे रही थीं, लेकिन उसके भीतर जो तूफ़ान चल रहा था, वह किसी को सुनाई नहीं दे रहा था। शादी को तीन महीने ही हुए थे, पर इन तीन महीनों में उसने जितनी बातें सीखी थीं, उतनी शायद … Read more

खबर – पुष्पा कुमारी “पुष्प”

“मम्मी जी!. आजकल सुनैना काकी हमारे घर नहीं आती है,.ऐसा क्यों?” उस घर की इकलौती बहू राधिका ने आज हिम्मत कर अपनी सास से पूछ लिया और अपनी बहू की बात सुनकर प्रभाजी अचानक चिढ़ गई.. “वह ना ही आए तो भला!” सुनैना काकी के प्रति अपनी सास की कुढ़न देख राधिका के चेहरे पर … Read more

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