खरोंच – संध्या त्रिपाठी
प्लीज विराज…. आप यहां से चले जाइए….. आइंदा अकेले मेरे घर ना आया करें…. जब भी यहां आएं …..एकता भाभी को साथ में लेकर आइएगा…. ताकि हमारे रिश्ते अपनेपन से भरे हुए मजबूत हों…..उसमें ” दिखावटी रिश्ता ” जैसी कोई बातें ना हो…. और हम दोनों परिवारों के इस कोमल , मुलायम , संवेदनशील रिश्तों … Read more