हमें बस आपका आशीर्वाद चाहिए – मधु वशिष्ठ

अरुण और तरुण माता जी के दोनों बेटों का घर साथ साथ ही था। ननद लीला भी सोनीपत में ही रहती थी| अरुण दिल्ली में कोर्ट में नौकरी करता था और सुधा भी दिल्ली के ही स्कूल में टीचर थी। वह सोनीपत से ही रोजाना दिल्ली जाती थी। स्कूल समय पर पहुंचने के उद्देश्य से … Read more

बनावटी रिश्ता – करुणा मलिक

नहीं भाई साहब, मैं आपकी बात से सहमत नहीं हूँ । अंशी हमारे भाई की निशानी है……… तुम्हें तो बिल्कुल भी अक्ल नहीं है राकेश । पहली बात तो ये है कि दिनेश ने शादी मनमर्ज़ी से की थी , ना लड़की की जात का पता था ना उसके माता-पिता का ठौर ठिकाना। हमें क्या … Read more

यह तो हमारे गांव का नौकर हैं !!-स्वाती जैंन

अरे वाह !! पापा जी फाईनली कल गाँव जा रहे हैं यह सोचकर आरती को आज सुकुन की नींद आ गई और दूसरे दिन आरती सुबह जल्दी उठ गई , सबसे पहले उसने फटाफट टिंडे की सब्जी और पराठे बना दिए ताकि ससुर जी को गांव जाते समय पैक करके दे पाए !! आज उसके … Read more

हमे बस आपका आशीर्वाद चाहिए – विनीता सिंह

एक गांव के ए्क मध्यवर्गीय किसान राजकुमार की है वह खेती करते लेकिन उनके मन एक दुख था की वह ज्यादा पढे लिखे नहीं है लेकिन उनके दिल की इच्छा की वह अपने बच्चों को पढ़ाने शहर भेजे। राजकुमार जी और संध्या जी की दो संताने हैं उनका एक बेटा अनिल और  आरती दोनों बच्चों … Read more

दिखावटी रिश्ते – मंजू ओमर 

मम्मा आप कितनी अच्छी हो, मम्मा आप कितनी होशियार हो हर काम में, मम्मा आप कितना अच्छा खाना बनाती हो । बिना प्याज लहसुन के कैसे इतनी अच्छी सब्जी बना लेती हो।ये कहने वाली काव्या आज पति आयुष से कह रही थी की मैं तुम्हारी मम्मी की शक्ल नहीं देखना चाहतीं। उनकी छाया भी मैं … Read more

गोद ली बेटी – दिक्षा बागदरे

दीप्ति 6 भाई बहनों में सबसे छोटी बहन थी। उसकी चार बड़ी बहनें और एक भाई था। उसकी मौसी की अपनी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने दीप्ति के मम्मी और पापा से बात करके उसे बचपन में ही गोद ले लिया था। दीप्ति को बड़े नाजों से पाल पोसकर बड़ा किया। उसकी पढ़ाई-लिखाई में कोई … Read more

घाव हरे करना – खुशी

रीना की मां का आकस्मिक निधन हो गया।वो छुट्टियों में अपनी मां के पास गई थी और अचानक हार्ट अटैक होने से उनका देहांत हो गया इस समय रीना की दुनिया उजड़ गई वो अपनी मां को बहुत प्यार करती थी उसकी तो दुनिया ही उजड़ गई।वो इस गम से सम्भल ही नहीं पा रही … Read more

परिवर्तन – लतिका श्रीवास्तव

अचानक तुम्हें नौकरी करने का क्या फितूर सवार हो गया है। मैंने हमेशा कहा है ऊंची से ऊंची डिग्री ले लो जितना पढ़ना चाहो पढ़ लो।इतना अच्छा घर वर मिल गया है।शादी हो जाने दो फिर अपने घर जाकर जो करना हो करते रहना सुमेर जी के रूढ़ियां लपेटे तर्क बेटी नंदिनी के गले के … Read more

खोखले रिश्ते – गीता वाधवानी

 रिटायर प्रोफेसर देवाशीष मुखर्जी आज अपने अकेलेपन से जूझ रहे थे। इतना बड़ा घर और वह बिल्कुल अकेले। मानो अकेलापन उन्हें निगल रहा था। रोज सुबह सवेरे सैर करने जाते थे, तब थोड़ी देर उन्हें बहुत ही अच्छा लगता था। पक्षियों  की चहचहाट, ताजी हवा, खुला नीला आसमान, हल्की-हल्की धूप, सुंदर पेड़ पौधे और अपनी … Read more

दिखावटी रिश्ता – एम पी सिंह

गुप्ताजी रिटायर्ड सरकारी टीचर थे, प्रयाप्त पेंशन मिल जाती थी, गांव मै अपने पुस्तेनी मकान मै अपनी पत्नी और बड़े भाई के परिवार के साथ आराम से रहते थे. बची हुई जमीन पर 2 दुकान बनाकर किराए पर दें रखी थी. गुप्ताजी का इकलौता बेटा अनिल पढ़ा लिखा था और अपनी पत्नी अनीता और बेटे … Read more

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