मोगरे के फूल – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

विश्वनाथ जी स्वयं ,खुरपी लेकर गुड़ाई करने के बाद, पानी का पाइप पकड़ कर सभी पौधों में पानी डाल रहे हैँ। भैय्या  आज तो शाम को रिसेप्शन है…. आज तो रहने देते.. किसी और को.. किसी नौकर चाकर को कह देते। बहन दमयंती ने कह तो दिया, मगर ये अच्छी तरह जानती है कि भाभी,दया … Read more

सबसे बड़ा ज्ञानी  : Moral Stories in Hindi

 “अरे विशेष तुम तो भई अब हमें पूछते भी नहीं…… अपने चाचा से इतनी नाराज़गी किस बात की?”पड़ोस में रहने वाले मुकुल चाचा ने विशेष से कहा जो ऑफिस से आकर अपने घर की तरफ़ जा रहा था  “नमस्ते चाचा जी,ऐसा कुछ भी नहीं है जो आप सोच रहे हैं…बस आजकल काम की अधिकता की … Read more

अति सर्वत्र वर्जयेत् (भाग 3)- डा.पारुल अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : उन्होनें ने भी फोन पर चित्रा की कोई बात सुने बिना भाई भाभी की बात मानने की सलाह दी। चित्रा बहुत अकेली पड़ गई थी। वो पूरी रात सोई नहीं थी। अगले दिन सुबह वो पास के एक मंदिर में गई,जहां वो अक्सर जाती थी। वहां उसके भजन और शुद्ध … Read more

जाने कब जिन्दगी में कौन सा मोड़ आ जाए ये कोई नहीं जानता – मुकुन्द लाल  : Moral Stories in Hindi

   श्रीमन अपनी पढ़ी-लिखी पुत्री मेधा की शादी अपने पड़ोसी शहर के बड़े व्यवसायी के लड़के ओमेश के साथ करके निश्चिंत हो गए कि एक जिम्मेदारी तो समाप्त हुई।    शादी के बाद ससुराल में सारी पारम्परिक औपचारिकताओं का विधिवत नार्वाह किया गया। इस तरह दोनों पति-पत्नी के दाम्पत्य जीवन का शुभारंभ हो गया।    मेधा को सास-ससुर … Read more

माता-पिता का प्यार – के कामेश्वरी  : Moral Stories in Hindi

प्रणति और हरिप्रसाद मध्यम वर्गीय परिवार के थे । हरिप्रसाद सरकारी स्कूल में गणित पढ़ाया करते थे । उनकी शादी के दो साल बाद उनके घर पुत्र का जन्म हुआ। उसका नाम आदित्य रखा ताकि सूर्य की तरह वह चमकता रहे । उसी समय उन्होंने सोच लिया था कि अपने बेटे को बहुत पढ़ा लिखाकर … Read more

गंवार  – मनीषा गुप्ता: Moral Stories in Hindi

शालिनी गांव की कम पढ़ी-लिखी परंतु सुंदर सुशील लड़की थी, रामदास जी को शालिनी में पता नहींऐसा क्या पसंद आया कि उन्होंने अपने बेटे शेखर के लिए शालिनी को पसंद कर लिया। परिवार के अन्य सदस्य सास, देवर और ननद को वह अधिक पसंद नहीं थी। पति शेखर को उसका सीधापन और सादगी पसंद आ … Read more

परिश्रम का आशीर्वाद – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

बाहर से अख़बार उठाते ही कुछ पम्पलेट बाहर गिर गये, सबको उठाते हुये एक पम्पलेट पर स्नेहा की नजर रुक गई, एक नामी ब्रांड ने, अपने ब्रांड स्टार के नाम से “मिसेज स्टार “की प्रतियोगिता रखी है.., स्नेहा का मन जिज्ञासा से भर गया ..।खुली आँखों से मिसेज स्टार बनने का सपना देखने लगी..।     उसे … Read more

सबसे बड़ा ज्ञानी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

 “अरे विशेष तुम तो भई अब हमें पूछते भी नहीं…… अपने चाचा से इतनी नाराज़गी किस बात की?”पड़ोस में रहने वाले मुकुल चाचा ने विशेष से कहा जो ऑफिस से आकर अपने घर की तरफ़ जा रहा था  “नमस्ते चाचा जी,ऐसा कुछ भी नहीं है जो आप सोच रहे हैं…बस आजकल काम की अधिकता की … Read more

धैर्य और लगन – मोनिका रघुवंशी : Moral Stories in Hindi

विवेक तुम कंही जा रहे हो…., तुम्हारी माँ बता रही थी कि कोई इंटरव्यू है ,खाने की टेबल पर दिवाकर जी ने अपने बेटे से पूछा। हां पापा एक बड़े होटल में रिसेप्शनिस्ट की जॉब है सैलरी भी अच्छी है तो….. लेकिन तुम्हे प्राइवेट जॉब करने की क्या सूझी….. पापा मैंने पिछले पांच सालों में … Read more

परिश्रम का आशीर्वाद – संगीता त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

 बाहर से अख़बार उठाते ही कुछ पम्पलेट बाहर गिर गये, सबको उठाते हुये एक पम्पलेट पर स्नेहा की नजर रुक गई, एक नामी ब्रांड ने, अपने ब्रांड स्टार के नाम से “मिसेज स्टार “की प्रतियोगिता रखी है.., स्नेहा का मन जिज्ञासा से भर गया ..।खुली आँखों से मिसेज स्टार बनने का सपना देखने लगी..।     उसे … Read more

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