निगाहें (भाग 2) –  सीमा बाकरे : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अम्मा बोली तो कुछ नहीं पर उन्हें गुस्सा आ गया है यह उनके देखने के अंदाज से पता चल रहा था।  नाराजगी वाले माहौल में ही बबली का जन्म दिन और जगराता निपट गया।जब सब काम खतम हो गया तब अम्मा ने सोमेश से पैसे मांगे और सोमेश ने खुशी … Read more

निगाहें (भाग 1) –  सीमा बाकरे : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सोमेश और सोनी को बंबई में आए हुए दो साल हो रहे थे। इस बार ग्यारह महीने बाद फिर से दस प्रतिशत किराया बढ़ा दिया जाएगा। दोनों को यही टेंशन थी। बंबई आने के बाद से सबसे पहले अपना घर हो ,ये सपना हर बंबई वासी की तरह ये दोनों … Read more

पैसों की खनक (भाग 2 )- डॉ.पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : उसका दिल तो बहुत दुखा था पर फिर भी उसने ये सोचा कि पापा ने उसकी पढ़ाई और शादी में बहुत खर्च किया है। पापा ने अच्छी शिक्षा देने के लिए कभी भी उस पर कोताही नहीं की। शायद अब उनकी कोई मजबूरी रही होगी,ऐसा सोचते हुए इस बात को … Read more

पैसों की खनक (भाग 1)- डॉ.पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दिव्या के मायके से बार बार फोन आ रहे थे। वैसे तो उसकी शादी के बाद जबसे पापा के रिटायरमेंट हुआ है और भाईयों की अपनी गृहस्थी हुई है तबसे उसको बुलाने के लिए कभी इतने फोन नहीं आए फिर ये पिछले दो दिन से क्यों आ रहे हैं वो … Read more

तुम्हारे लिए …!! –  लतीका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बधाई हो विष्णु आज तेरी वर्षों की तपस्या त्याग और मेहनत  सफल हो ही गई शिवदयाल ने विष्णुप्रताप को गले लगाते हुए जोर से बधाई दी तो बेटा भड़क उठा हुंह..!पापा की कौन सी त्याग तपस्या मेहनत अंकल!!इन्होंने आज तक किया ही क्या है मेरे लिए ये सब मेरी मेहनत … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 32) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“हे भगवान! कैसी अतरंगी लड़की है। एक हमारी कोयल है, सारे काम नफासत से संभाल लेती है।” बुआ का विनया का कोसना शुरू हो गया और अनजाने में ही कोयल की प्रशंसा में भी कुछ शब्द उनके मुंह ने बरसा दिए। “हें!” कोयल को अपनी सास द्वारा प्रशंसा मिली, लेकिन उसने यह स्वीकारने में कठिनाई … Read more

कायरता –  बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : कोंडेलिम बीच गोवा पर बैठा सागर सामने समुन्द्र से तेजी से आती लहर को देख रहा था।एक झंझवात उसके मन मस्तिष्क  चल रहा था।लहर समुन्द्र से आ रही थी और समुन्द्र उसे फिर अपने मे बार बार समेट रहा था।पर ये सागर तो अपनी उर्मी को यूं ही छोड़ आया … Read more

क्रोध में आपा खोया। जब मैं आत्मग्लानि से भर उठी। : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दिल्ली से अपनी बेटी और पिता जी के साथ मैं अपने घर वापस आई। करोना काल में फंसने के कारण हम कई महीनों बाद लौट रहे थे। मैंने अपने किरायेदार को फोन कर बता दिया था कि हम अमुक तारीख को सुबह पहुंच जाएंगे।  किरायेदार का परिवार वहीं पास के … Read more

फिज़ूलखर्ची – अंजना ठाकुर  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बहू जरा अमित से कहना मेरा चश्मा बनवा लाएगा कल गलती से  गिर गया तो उसका कांच टूट गया  किशोर जी बहू से डरते डरते बोले माधवी सुनकर जोर से बोली क्या बाबूजी आप ध्यान रखा करो पैसे कितनी मेहनत से आते है और आपको फिजूलखर्ची की पड़ी रहती है … Read more

तुम्हारे लिए …!! – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बधाई हो विष्णु आज तेरी वर्षों की तपस्या त्याग और मेहनत  सफल हो ही गई शिवदयाल ने विष्णुप्रताप को गले लगाते हुए जोर से बधाई दी तो बेटा भड़क उठा हुंह..!पापा की कौन सी त्याग तपस्या मेहनत अंकल!!इन्होंने आज तक किया ही क्या है मेरे लिए ये सब मेरी मेहनत है.. पिता हैं  तो बेटे … Read more

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