घर का हिस्सा बेटियाँ- प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आदित्य स्कूल से आकर अपनी मम्मी से पूछता है,”मम्मी हमारी बुआ राखी पर क्यों नहीं आती? सब की बुआ आती है।” वह तुम्हारी बुआ दूर रहती है ना मम्मी ने आदित्य को टालना चाहा। “दूर रहती है तो क्या हुआ? राखी तो भेज ही सकती है ना।” आदित्य तर्क करते … Read more

जहाँ चाह वहाँ राह – मेघा मालवीय : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : हमारे पडोस में विनोद जी का परिवार रहता है। वो लोग आज से  शायद20-25साल पहले आकर बसे है।   मतलब पहले वो अपने माता पिता के साथ रहते थे फिर वो लोग कही ओर जाकर  बस गए। फिर विनोद जी अपनी पत्नी और 1 बेटे के साथ , 20 साल … Read more

चारधाम की यात्रा – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुमन जी और उनके पति गोविन्द जी जिस‌ मोहल्ले में रहते थे,उस मोहल्ले में सभी लोग धार्मिक प्रवृत्ति के थे। हमेशा धार्मिक आयोजन जैसे सुन्दरकाण्ड का पाठ, अखण्ड रामायण पाठ, भजन संध्या, संत महात्माओं के प्रवचन आदि होते रहते थे, सभी सामुहिक रूप से उसमें भाग लेते, और भक्तियुक्त वातावरण … Read more

माँ या बदनुमा धब्बा – वीणा सिंह  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : भीखू ईंट भट्ठा के चिमनी पर दिहाड़ी मजदूरी करता था. पत्नी दुलारी दो बेटी शीला और संजू एक बेटा संतोष पांच लोगों का परिवार.. दुलारी घर घर बर्तन साफ करने और झाड़ू पोंछा का काम करती थी.. शीला ग्यारह साल की थी और संजू सात साल की संतोष चार साल … Read more

उम्मीद – प्रियंका त्रिपाठी ‘पांडेय’

डाक्टर साहब शुभि कैसी है? अभी होश आने मे टाइम लगेगा। एक्सीडेंट मे काफी खून बह गया है। खून चढ़ाना पड़ेगा। आप खून की व्यवस्था करिए यदि खून नही मिला तो आपकी बेटी की जान खतरा हो सकता है। डाक्टर साहब की बातें सुनकर सुजाता की धड़कन बढ़ जाती है तो वो कुर्सी पर बैठ … Read more

उम्मीद के बादल – अर्चना कोहली “अर्चि”

“सुनो जी । लगता है, इस साल भी बरसात नहीं होगी। जमीं में फटी दरारें देखकर लगता है इस साल भी सूखे की मार झेलनी होगी। बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं। उन्हें देखकर कलेजा मुँह को आता है”। “कमली कलेजा तो मेरा भी फटता है, जब मुनिया और राजू मेरी और उम्मीद भरी नजरों … Read more

अब समझ आया पतिदेव – संगीता अग्रवाल

” ये क्या है श्रुति कितना अस्त व्यस्त रहने लगी हो तुम ये ढीले ढाले कपड़े श्रृंगार विहीन चेहरा और थका हुआ जिस्म कौन कहेगा हमारी शादी को एक साल ही हुआ है अभी !” ऑफिस से लौटे तनुज ने सोफे पर बैठी श्रुति से कहा। ” तनुज मैं मां बनने वाली हूं ये तुम … Read more

उम्मीद भरे हाथ – लतिका श्रीवास्तव

..आज फिर उम्मीद लगा बैठी थी सुरम्या कि कोई उसे मनाने आयेगा बिना बताए ही समझ जायेगा कि उसके मन को कौन सी बात मथ रही है लेकिन सुबह से शाम और रात हो गई सब अपने अपने में व्यस्त हैं रात में उसने खाना भी नहीं खाया विराग ने कुछ चिंता से पूछा था … Read more

सम्वेदना : बेटी की माॅ के प्रति – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मीता  तैयार हो ऑफिस के लिए निकल ही रही थी कि तभी पापा विजय जी की आवाज सुनवाई दी ।मीतू इधर आओ  बेटा मुझे तुमसे कुछ जरुरी बात करनी है।  मीतू – पापा अभी मुझे देर हो रही है ऑफिस का समय हो गया है शाम को बात करते हैं।  … Read more

नाम डुबोना : top 10 moral stories in hindi

गलत संगत – गीता वाधवानी रमा दो-तीन दिन से देख रही थी कि उसका 19 वर्षीय बेटा अजय दुकान से आते ही पीछे वाले आंगन में अपना फोन लेकर एक कोने में बैठ जाता था और किसी से धीरे-धीरे बात करता था। रमा को कुछ समझ नहीं आ रहा था। फिर एक दिन रमा ने … Read more

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