बेटी के घर में माँओं का दख़ल – कल्पना मिश्रा
“आज क्या-क्या खाया? किसने बनाया?” “अच्छा, तो तेरी सास क्या कर रही थीं? वो आराम फ़रमाती रहती हैं क्या? “ “क्या? तेरे सास,ससुर भी तेरे साथ पिक्चर /बाज़ार जाते हैं? मतलब? हर जगह पीछे-पीछे लगे रहते हैं, तुझे प्राइवेसी नही देतें?” “नौकरानी नही है तू, क्यों जुटी रहती है?अबकी बार कह देना मुझे ज़्यादा काम … Read more