पश्चाताप – अनिला द्विवेदी तिवारी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : घनश्याम जी एक सरकारी माध्यमिक विद्यालय में प्रधान शिक्षक थे। उनके विद्यालय में आठवीं क्लास तक के बच्चे पढ़ते  थे क्योंकि उनका विद्यालय माध्यमिक श्रेणी तक ही था। उनके घर पर, वे  स्वयं उनकी पत्नी रमा देवी और उनकी तीन संताने थीं।  दो बेटे, सूरज और गौरव और एक बेटी  … Read more

पश्चाताप – पूजा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज सोना का बर्थडे है पर सोना नही है मुखर्जी बाबू और दीपाली उसकी फोटो के आगे कैंडल जलाते केक काटते और पास के अनाथालय में बच्चो को खाने के गिफ्ट पैक देने जाते ।     दोनो अपनी इकलौती बेटी से दूर होने का जिम्मेदार खुद को समझते हुए पश्चाताप से … Read more

भाई -बहिन का रिश्ता – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ‘नीर! यह तुम ठीक नहीं कर रहै हो बेटा,माना कि स्वाति तुम्हारी इकलौती बहिन है, मगर बेटा हमेशा अपनी चादर देखकर पॉंव पसारना चाहिए। उसकी शादी में पहले ही तुमने बहुत खर्चा कर दिया है,और अब राखी पर ये जड़ाऊ कंगन? बेटा हमने उसकी शादी अच्छे परिवार में की है, … Read more

पिंडदान – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सरिता को पंडितों ने बार-बार समझाया था कि माता-पिता का पिंडदान भाई ही करता है।सरिता ने जिद पकड़ ली थी कि उसे भी जाना है गया।भाई ने भी समझाया उसे” तेरा जाना जरूरी नहीं दीदी।बच्चों और पति को परेशानी हो जाएगी। तू घर से ही मां-पापा को अर्घ अर्पित कर … Read more

खुशी – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” सुनो सरला एक बहुत अच्छी खबर है !” जितेंद्र जी दरवाजे से ही चिल्लाते हुए बोले। ” अरे ऐसी क्या खबर है जो आपको अंदर आने का सब्र भी नही हो रहा ?” सरला जी रसोई से निकलते हुए बोली। ” अरे भाग्यवान बात ही ऐसी है ! अपनी … Read more

बेशर्म – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “ देखो इसको कैसे बेशर्म की तरह अभी भी इस घर में पड़ी हुई है… ये नहीं कि अब यहाँ से चली जाए… भगवान बचाएँ ऐसी बहू से।” कहने को तो अक्षरशः यही शब्द कहे थे जमना चाची ने सुकृति को और संजोग देखो वही शब्द आज उनकी बेटी के … Read more

एक पश्चाताप ऐसा भी – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शुभम-“पापा, कल मेरे स्कूल में फंक्शन है। सबके पेरेंट्स आ रहे हैं। आप और मम्मी भी मेरा डांस देखने के लिए आना।”  पापा जिनका नाम नवीन था-“बेटा, तुम्हें तो पता है मैं नहीं आ सकता। मुझे बहुत सारे पेशेंट देखने है। मम्मी से कहना आने के लिए और यह क्या … Read more

अपमान : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  मां! “आज आप मेरी निगाहों से गिर गईं ।एक औरत हो कर आपने सरे आम इतने सारे रिश्तेदारों के बीच काव्या के घर वालों का मजाक बनने दिया। आपने जरा सा नहीं सोचा कि उसके दिल पर क्या गुजर रहा होगा जब उसकी गरीबी का मजाक बन रहा था और … Read more

एक बार फिर (भाग 29) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

पिछले भाग में शेखर अपने और रिनी के रिश्ते के बारे में प्रिया को सब कुछ बताता है। प्रिया सोचती है कि शेखर रिनी को हराने के लिए इस शादी को करना चाहता है। उसका मकसद रिनी को नीचा दिखाना है। इसलिए वह कोर्ट मैरिज का प्रपोजल रख रहा है। वो नाश्ते पर दी के … Read more

लड़के वाले भाग 14 – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जैसा आप सबने अभी तक पढ़ा कि नरेशजी और उनके परिवार को अपने बड़े लाला उमेश के लिए लाली शुभ्रा पसंद आ चुकी हैं… उमेश,,नरेशजी और वीनाजी का खुद का बेटा नहीं हैं,, यह जान दादा नारायणजी अपने परिवार की आपसी सहमति जानने के बाद इस रिश्ते के लिए सहमत … Read more

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