रिहाई (भाग 3) – अंजू गुप्ता : Moral Stories in Hindi
बेंगलूर जाने के बाद लगभग रोजाना ही दोनों में बातचीत हो जाती थी । अपने सुखद भविष्य की उम्मीद में राजन दिल लगा कर मेहनत कर रहा था। आज, छह महीने बाद वो उससे मिलने आने वाला था । देवप्रिया ने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी ताकि वह अपना पूरा दिन राजन के साथ … Read more