आँखें खुल गई – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  प्राची काॅलोनी में नई थी।किसी से खास उसका परिचय नहीं था।ऐसे में उसकी पड़ोसिन देविका जी ने उसकी तरफ़ दोस्ती का हाथ बढ़ाया।उसे बहुत अच्छा लगा।देविका जी उसे शहर और काॅलोनी की पूरी रिपोर्ट समय-समय पर बताती रहती थीं, साथ ही अपने परिवार की प्रशंसा करना भी कभी नहीं भूलती थीं।        एक दिन प्राची किसी … Read more

बेमेल (भाग 5) – श्वेत कुमार सिन्हा : Moral Stories in Hindi

“देख न श्यामा, लगता है आज बड़े और मंझले भईया की बातों में आकर कुछ ज्यादा ही पी ली मैने! सिर दर्द से फटा जा रहा है! बर्दाश्त न हुआ तो मजबूरी में तुझे आवाज देना पड़ा। बंशी और बाकी नौकर-चाकर भी सो गए हैं! हाय…मेरा सिर!!” – संझले ननदोई ने कराहते हुए कहा और … Read more

बेमेल (भाग 4) – श्वेत कुमार सिन्हा : Moral Stories in Hindi

…बंशी की बातें सुन श्यामा मुस्कुरायी और कहा – “काका, बचपन में माँ ने सिखाया था कि पालनहार ने जितना दिया है उसी को अपनी नियती मान ईमानदारी से आगे बढ़ने का प्रयास करती रहना। परिस्थिति चाहे कितनी भी बुरी आए, चाहे कितना भी दु:ख सहना पड़े, कभी किसी का अनिष्ट मत करना! माँ का … Read more

बेमेल (भाग 3) – श्वेत कुमार सिन्हा : Moral Stories in Hindi

…“आइए दीदी, बिटिया को सुला रही थी!अच्छा लगा आप सबको एक साथ यहाँ देखकर। समझ में नहीं आ रहा आप सबको कहाँ बिठाऊं! देख ही रही हैं….यहाँ एक कुर्सी भी नहीं है!” – कमरे में चारो तरफ इशारा करते हुए श्यामा ने कहा फिर अपने पलंग पर जगह बनाते हुए बोली- “आपलोग यहाँ बैठिए! देखिए, … Read more

बेमेल (भाग 2) – श्वेत कुमार सिन्हा : Moral Stories in Hindi

..पिता की चल और अचल सम्पत्ति पर अधिकार पाकर त्रिदेवियां- नंदा, सुगंधा, अमृता तथा उनके पतियों के पांव तो जमीन पर ही नहीं टिक रहे थे। इस बात का उन्हे तनिक भी ख्याल न रहा कि पिता ने छोटे भाई मनोहर की ताउम्र देखभाल और सेवा करने की जिम्मेदारी भी सौंपी है। सम्पत्ति की सुरक्षा … Read more

बेमेल – श्वेत कुमार सिन्हा : Moral Stories in Hindi

गांव का धनाध्य जमींदार राजवीर सिंह। मां लक्ष्मी की असीम कृपा थी उसपर। सैंकडों एकड जमीन और  अथाह सम्पत्ति का मालिक। आकाश छुती अमीरी ने कभी भी उसके पांव जमीन से न डगमगाने दिए। ना कभी कोई घमंड किया और न ज्यादा पाने की लालच ने कभी उसे मुनाफाखोरी की दलदल में ढकेला। गरीब और … Read more

“मैं कोई सीता नहीं” – डॉ .अनुपमा श्रीवास्तवा

पल्लवी लगभग दो मिनट तक बेल बजाती रही पर किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। वह थककर वहीं बैठ गयी।  प्यास से उसका हलक सूख रहा था। जल्दी घर पहुंचने के चक्कर में उसने रूककर पानी भी नहीं पिया था। अभी वह सोच ही रही थी कि क्या करे इतने में भड़ाक से दरवाजा खुला। … Read more

सदा सुहागन रहो : Moral Stories in Hindi

मीना की दादी गांव से आई तो मीना की मां किरन ने जैसे अपनी सास के पैरों को हाथ लगाया तो उसकी सास ने किरन को “सदा सुहागन रहो” का आशीर्वाद दिया  यह सब मीना बहुत बार देख चुकी सी। बहुत सारे बुजुर्ग हर औरत यही आशीर्वाद देते थे। इस बार मीना से रहा नहीं … Read more

आशीर्वाद –  ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

यह आप किस कर्ज की बात कर रहे हो जी? जो आप नहीं उतार सकते ।आप तो अपने आप में इतने समर्थ हो, फिर क्यों बार-बार ऐसा कहते हो कि मैं उसका कर्ज जीवन भर नहीं उतार सकता। ईश्वर ने आपको हीरे सा बेटा दिया है सारे सुख ऐश्वर्य आपको दिए हैं। फिर भी ना … Read more

आखिरी दर्शन…. पिता का आशीर्वाद – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

‘‘ माँ, तुमने आज तक मुझसे जो भी कहा करती चली आई….लड़की हो..ऐसे रहो वैसे करो,…लोग चार बातें न कहें इसलिए तुम्हारी हर हाँ में हाँ करती चली गई….भाई छोटे हैं पर देखो मुझे छोटी समझ हर दुःख और दुनिया की नजरों से बचाकर रखने में लगे रहे…अब तुमने लोगों के कहने पर मेरी शादी … Read more

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