गीतांजलि – डॉ पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : आज पूरे छः महीने के साथ के बाद सासू मां गीतांजलि को छोड़कर अपनी अंतिम यात्रा की और प्रस्थान कर गई थी। कहने को तो,सुमित्रा जी गीतांजलि की सास थी पर इन छः महीनों में दोनों ने एक-दूसरे के साथ मां-बेटी से भी बढ़कर रिश्ता निभाया था। वो तो बिन … Read more

प्रसाद – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

सुनो जी… कोई बाहर खड़ा हैँ काफी देर से…. तो देखकर आओ तुम …. कौन है ?? देख नहीं रही मैं अखबार पढ़ रहा हूँ…. चश्मा ऊपर करते हुए कैलाश जी पत्नी श्री से बोले… घंटी तो बजा ही नहीं रहा…. तभी मैं गयी नहीं… कहीं चोरी करने की फेर में तो नहीं हैँ ये…. … Read more

मिल गया आशीर्वाद – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

तू भाग जा शिवानी.. तेरे प्यार को यहां समझने वाला कोई नहीं है! अगर तेरे पापा को तेरे प्यार की भनक भी लग गई तो वह पहली गोली तुझे मारेंगे और फिर अपने आप को खत्म कर लेंगे! शिवानी… महेंद्र प्रताप बहुत ही अच्छा लड़का है, वह तुझसे बेहद प्यार करता है, अच्छी कंपनी में … Read more

टाट का पैबंद – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

सुमी! सुमी!सुनो यार!कहां बिजी हो? चिराग ने घर में घुसते ही अपनी पत्नी सुमी को बुलाया। तभी उसकी मां दया सामने आई,”पार्लर गई है,आती होगी अभी,दो घंटे हो गए हैं।” ठीक है!ठीक है मां,बेरुखी से बोलता वो कमरे में घुस गया। मैंने कुछ गलत बोल दिया क्या?मां आश्चर्य में सोचती रह गई। तभी सुमी लौट … Read more

नालायक बेटा – मंजु ओमर : Moral Stories in Hindi

गोविन्द भइया करीब डेढ़ महीने से बीमार चल रहे थे बहन मालती ने आज भाई से मिलकर हाल-चाल जानना चाहा सो पहुंच गई गोंविदा भाई के पास । मालती जब घर गई तो बाहर चबूतरे में भतीजा राजीव कुछ उदास सा बैठा था , मालती ने पूछा अरे राजीव यहां क्यों बैठे हो तो उसका … Read more

सूद समेत – अर्चना सक्सेना : Moral Stories in Hindi

इतने बरसों बाद अपने पौत्र को अपने सम्मुख खड़ा देखकर एकबार तो अपनी आँखों पर विश्वास ही नहीं हुआ सुहासिनी जी को, जब उसने आगे बढ़कर चरणस्पर्श किये और पूछा- “कैसी हो दादी?” तो आशीर्वाद देने को उनके दोनों हाथ उठ गये और अविरल अश्रुधारा बह निकली उनके नेत्रों से परन्तु मुख से बोल नहीं … Read more

एक प्यारी सी लव स्टोरी (भाग -14) – अनु माथुर : Moral Stories in Hindi

अब तक आपने पढ़ा… मुकेश जी के घर से सारे मेहमान लगभग जा चुके थे… बस ऋतिका और नेहा ही रह गए थे…. रोहित ऋतिका से उसका फोन नंबर मांगता है और इस बार ऋतिका उसे नंबर दे देती है… अब आगे.. घर में राशि के आने की तैयारियाँ चल रही थी…सुनीता जी के साथ … Read more

सबसे बड़ी भूल (भाग – 3) – माता प्रसाद दुबे  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: एक हफ्ते से ज्यादा समय तक रमादेवी कस्बे वाले घर में रहने के बाद भंडारे और पूजा पाठ को विधि पूर्वक सम्पन्न कराकर शहर वाले घर में वापस आ चुकी थी, रमादेवी के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी,वह हमेशा उदास रहने लगी थी, प्रशांत आकाश उनकी पत्नियां सभी एक … Read more

सबसे बड़ी भूल (भाग – 2) – माता प्रसाद दुबे  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi: सुबह के आठ बज रहे थे, रमादेवी पंडित दीनानाथ से भंडारे के आयोजन के लिए फोन पर बात कर रही थी।”अरे मम्मी! अबकी बार मैं भंडारे और पूजा में शामिल नहीं हो पाऊंगा, मुझे जरूरी मीटिंग अटेंड करनी है?” प्रभात रमादेवी के पास आते हुए बोला। ” बेटा! तू तो बड़ा … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 24) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“क्या बात है मनीष, तुम्हारे और विनया के बीच कोई दिक्कत है क्या?” संभव बालकनी में मनीष के साथ बैठा हुआ पूछता है। “नहीं भैया, कोई दिक्कत नहीं है।” मनीष संभव की ओर देखे बिना ही कहता है। “तुम दोनों को देखकर ऐसा क्यों लगता है, जैसे एक दूसरे से खींचें खींचें से रहते हो।” … Read more

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