मुझे हक है – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

“मुझे हक है” विवाह फिल्म का यह गाना ना जाने कितने ही लड़कियों की दिल की धड़कन बढ़ा देता हैं…. उस वक्त यह फिल्म आई थी, तब से आज तक जो लड़कियां नई-नई शादी के बंधन में बंधने जाती है… कहीं ना कहीं खुद को उस फिल्म की पूनम और अपने होने वाले पति को … Read more

यादों का कारवां – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral Stories in Hindi

घूम फिर कर  देखा जग सारा, अपना घर सबसे प्यारा सबसे न्यारा  यह कहावत सौ प्रतिशत सही है कहीं भी रह आओ पर जो सकून, शांति और सन्तुष्टि अपने घर में मिलती है कहीं नहीं। चाहे फाइव स्टार होटल में रुक लो सारी  सुविधाएं होने के बावजूद दो-तीन दिन में ही लगने लगता है कि … Read more

बाबू काका का दर्द – बालेश्वर गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

बाबू काका क्या हुआ है आपको,इतने कमजोर?किसी डॉक्टर को दिखाया या नही?         बहुत क्षीण आवाज में बोले,बेटा कुछ नही बुखार आ गया था,कमजोरी के कारण उठा नही गया,डॉक्टर के पास कैसे जाता भला?        मुझे ही खबर भेज देते,मैं तो आ ही जाता।       तुम्हारा नंबर मिला ही नही,बुढापा है ना,पता नही कहाँ लिखा या रखा।      ओह, … Read more

और मितवा घर लौट आए। – भर्गानंद शर्मा  : Moral Stories in Hindi

घर बिल्कुल कच्चा था। सो प्रतिशत कच्चा। खुले आंगन के बीचों-बीच जामुन के पेड़ के नीचे बना मिट्टी का गोलकार चबूतरा। घर में रह रही थी, एक शानदार जोड़ी। दो शौक पाल रखे थे एक आपस में तथा दूसरा  सच्चे सुच्चे मोह का शौक। सुरतू और धन्नो मुंह अंधेरे उठकर नमक मिर्च वाले चार टिक्कड़ … Read more

अपना घर अपना घर ही होता है| – दुर्गा राठी  : Moral Stories in Hindi

मैं दुर्गा राठी साजा  छत्तीसगढ़ आपका ऐड पड़ा सोचा प्रतियोगिता का विषय बहुत ही अच्छा है और वाक्य भी देखा जाए तो यह प्रतियोगिता बेटियों पर आधारित है लेकिन आपने कहा कि आपको एक वाक्य दिया जाएगा उसे पर आपको अपनी कहानी लिखना है अब हम अपने विषय पर चलते हैं कि अपना घर अपना … Read more

हक बराबर का – संगीता अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

” सुनो जी जरा दो हजार रूपए देना वो क्या है की मुझे गर्मियों के लिए कुर्तियां लानी है !” नताशा अपने पति कार्तिक से बोली। ” अरे इतने कपड़े है तो वैसे भी तुम्हे कौन सा कमाने कही जाना होता है जो तुम्हे नई कुर्तियां चाहिए जो है पुरानी मे काम चलाओ। “कार्तिक बोला! … Read more

शिकायत नहीं – मधु वशिष्ठ  : Moral Stories in Hindi

आज शाम को विनय को ऑफिस के काम से मुंबई जाना था। शताब्दी की बुकिंग थी और ट्रेन रात को 9:30 बजे। स्टेशन तक पहुंचने के लिए लगभग 8:00 बजे तक तो निकलना ही था ना। 6:00 बज गए थे पर विनय का कोई अता पता न था। जब भी विनय को कहीं बाहर जाना … Read more

बात मेरे स्वाभिमान की है – निशा जैन  : Moral Stories in Hindi

सुमेधा, सुमेधा …. मेरी येलो शर्ट कहां है , मिल नही रही अरे मुझे क्या पता  ? मैं तो कब से कपड़े नही संभाली हूं। ये आपकी छुटकी हुई है तब से मैं इसी में व्यस्त रहती हूं और मम्मी ने कहा है तुम्हारी अभी अभी जचगी हुई है, आराम करो  बाकी के काम मैं … Read more

नृत्यमं – मंजू ओमर  : Moral Stories in Hindi

नृत्यमं ,यही नाम था इशिता के नृत्य क्लास का ।जिसका बड़ा सा ग्लोसाइन बोंड लगवाते हुए इशिता फूली नहीं समा रही थी।आज बरसों का सपना जो पूरा हो रहा था उसका।वो अपने सासू मां को धन्यवाद दे रही थी जिनकी बदौलत आज उसका सपना पूरा हो रहा था।कई घंटों के मेहनत से इशिता का का … Read more

” हक ” – अमिता कुचया  : Moral Stories in Hindi

सीमा ही बहुत ही खुश थी कि उसके मम्मी पापा की पचासवीं शादी की सालगिरह है वह बड़ी ही कश्मकश में थी कि पापा मम्मी के लिए क्या ले जाए। पापा मम्मी ने जीवनभर हर इच्छा पूरी की है। घर में भाई भाभी की शादी की सालगिरह मनाने की तैयारी कर रहे थे। वह शादी … Read more

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