प्रेमकड़ी – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

नीलू अपने पति शिशिर को खाना देकर तैयार ही हो रही थी कि उसके फोन पर   कॉल आया । नीलू ने  शिशिर को कहा..”शिशिर ! जरा देखिए  किसका फोन है, मैं तैयार हो रही हूँ । शिशिर ने खाना शुरू कर दिया था । फिर नीलू ने कॉल उठाया तो देखा, मम्मी का कॉल … Read more

क्या कहें हमारे तो करम ही फूट गए जो ऐसी संतान को जन्म दी – सांची शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुरेखा जी और गोपाल जी अपने बुढ़ापे को अंधकार में देखते हुए आपस में बातचीत कर रहे थे कि क्या कमी रह गई थी उनकी परवरिश में जो उनके बेटे अंकित ने इस उम्र में उनको यह दिन दिखाया।  काजल, पूजा और अंकित के पिता गोपाल जी सरकारी स्कूल में अध्यापक थे और उनकी मां … Read more

अनोखा रक्षाबंधन – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आज राखी का दिन है और दोनों बहन भाई मृदुला और शैलेश अस्पताल में एडमिट है। पूरा परिवार भी मृदुला और शैलेश की मम्मी मालाजी और शैलेश की पत्नी नित्या और दोनों बेटियां शगुन और रोली के साथ साथ मृदुला के पति गोविंद जी और मृदुला का बेटा  शिवम भी छुट्टियों में हास्टल से घर … Read more

यह बंधन है प्यार का – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“अरे वाह! आज तो लगता है,कोई बहुत खुश है | तभी तो गजलें गुनगुनाई जा रही है| ऑफिस से आकर सनी को गजलें गुनगुनाते देख मीनल ने हंसते हुए कहा| “हाँ, मीनल पता है मेरा प्रमोशन हो गया है| सैलरी भी डबल हो गई है| आज ही गणतंत्र दिवस के फंक्शन में चेयरमैन सर ने … Read more

रक्षासूत्र – सीमा धुलेकर : Moral Stories in Hindi

मैने देखा है कि सब दरवाजे बंद हो जाते है तो इंसान आखिर में ईश्वर की शरण में जाता है फिर शुरु होता है मन्नतों ,धागों  का दौर या कहो आस्था पर विश्वास का दौर।  सुनीता के हाथ पर लाल डोरा बंधा देखकर जब मीनू ने पूछा –  ये सब क्या है ? ये विश्वास … Read more

बुआ भी होती है घर का हिस्सा – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

नैतिक स्कूल से आकर अपनी मम्मी से पूछता है,”मम्मी हमारी बुआ राखी पर क्यों नहीं आती? सब की बुआ आती है।” वह तुम्हारी बुआ दूर रहती है ना मम्मी ने नैतिक को टालना चाहा। “दूर रहती है तो क्या हुआ? राखी तो भेज ही सकती है ना।” नैतिक तर्क करते हुए बोला। नहीं ऐसी कोई … Read more

बहन – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

   सुमन दी की बेटी की शादी का आग्रह भरा निमंत्रण पाकर मैं बहुत एक्साइटेड हो गई… फिर से बचपन से गुजर कर जवानी की दहलीज तक के सफर की अनमोल स्मृतियों से भरी उन गलियों में कदम रखना कितना सुखद होगा…                         रेलवे कॉलोनी में सुमन दी का परिवार मेरा परिवार और ठाकुर बिरेंद्र अंकल का … Read more

**नेक नीयत** – आसिफ त़ालिब शेख : Moral Stories in Hindi

बीरजू अभी कुछ ही वर्षों पहले कमाने के लिए शहर आया था उसे पैसों की बहोत ज़्यादा ज़रुरत थी क्योंकि अब उस की बहन के विवाह को कुछ ही माह बचे थे अभी तक उस ने अच्छा ख़ासा पैसा जोड़ लिया था परंतु इतने पैसे काफी नहीं थे वो तो भाग्य का साथ था कि … Read more

मेरी राखी बहन निधि – रूचि पंत : Moral Stories in Hindi

” सीमा अब चलो भी” विनोद ने मौका पाकर दबे होंठों  से अपनी पत्नी से कहा। “आप जब भी मेरे भैया के यहा आते है हर आधे घंटे में आपका ‘जल्दी चलो जल्दी चलो’ का अलार्म बजने लगता है। अरे साल में एक बार ही तो आती है राखी! आज के दिन मैं आपकी एक … Read more

सूनी कलाई पर राखी – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    ताशकंद में अपने प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का निधन हो गया था,उनका पार्थिव शरीर भारत अगले दिन यानि 12 जनवरी 1966 को लाया जा रहा था,हवाई अड्डे से उनकी शव यात्रा प्रारंभ होनी थी।मार्ग में दोनो ओर हजारों की संख्या में लोग अश्रुपूरित श्रंद्धाजलि देने एवम उनके अंतिम दर्शन को खड़े थे।मेरठ से 16 … Read more

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