ऐसी कैसी औलाद  – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज पार्क में घूमने में बड़ा आनन्द आ रहा था मौसम बड़ा सुहाना था । कुछ देर मौसम का आनन्द उठाने के बाद पार्क से घर जाने को बाहर निकलीं तो रोड पर मिसेज शर्मा मिल गई जो हमारी पड़ोसी भी है और हम दोनों हम उम्र भी है ।30 सालों से हमलोग एक मोहल्ले … Read more

बहन – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सुनीता बाज़ार से सब्ज़ी लेकर आई और सब को फ्रिज में जमा करके सीरियल देखने के लिए टी वी ऑन करती है । उसी समय उसके फोन की घंटी बज उठी । इस समय कौन हो सकता है सोचती हुई फोन उठाने गई क्योंकि उसकी सहेलियों में सबको पता है कि सीरियल देखने के लिए … Read more

कोई इतना कोसता है क्या – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

सारे लोग आज सरला चाची के घर पर इकट्ठे हो रखे थे सौ लोग सौ तरह की बातें कर रहे थे… इन सब के बीच में किसी के ज़ोर जो से रोने की आवाज़ कानों को भेद रही थी… करूण रुदन सुन कर सबका मन व्यथित हो रहा था पर होनी तो हो चुकी थी … Read more

मेरी बहन आई है – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अस्पताल में पापा ने अभी उसे छूने से मना कर दिया क्योंकि उसे इन्फेक्शन का डर रहता किंतु मम्मी ने उसे मेरी गोदी में दे दिया, उस दिन में सच में बड़ा भाई बन गया, मेरी बहन आई थी बहन… गुलाबी गुलाबी हाथ पांव, एकदम नाजुक सी,  बिल्कुल रूई की जैसी और आंखें.. बस जैसे … Read more

चाहत- एक बहन की…. – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

विश्वास की आंखों से आज अनवरत अश्रु बह रहे हैं। आज रक्षाबंधन का त्यौहार है। हमारे दोनों बच्चे बेटा अनय और बेटी सौम्या आज बहुत खुश हैं। मैं- आरती विश्वास की अर्धांगिनी। जब मैंने सौम्या से कहा आओ भैया को राखी बांधो। दोनों भाई बहन बहुत खुशी से इस त्यौहार की रस्मों को निभा रहे … Read more

समझदारी से रिश्ते बनते है – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” सुगंधा कल राखी है क्या कैसे करना ?” माधव ने अपनी पत्नी से पूछा। ” क्या करना है मतलब ? अरे जो अब तक होता था वही करना हैं!” सुगंधा बोली। ” पर अभी तक तो मां थी अब बहने आयेगी तुम्हे भी मायके जाना है अपने तो कैसे होगा सब … मैं नीला … Read more

बहन… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“देखिए मिस्टर सेन… मैं आपको किसी भुलावे में नहीं रखना चाहता… आपकी दोनों किडनी फेल हो गई है खाना पीना सब छोड़ना होगा… हफ्ते में दो दिन डायलिसिस करवाना होगा…!”  थोड़ी देर के लिए कमरे में खामोशी छा गई… फिर डॉक्टर के सामने बैठे मिस्टर सेन ने टेबल पर हाथ रखते हुए कहा…” यह क्या … Read more

बेटा परछावा तो अपनों का ही पड़ता है – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुलक्षणा ड्राइंग रूम में बैठकर अखबार पढ़ रही थी कि तभी  उसका बेटा अतुल उसके पास आकर कुर्सी पर बैठते हुए दुखी स्वर में बोला “मम्मी जी हमारे तो  कर्म हीं फूट गए जो ऐसी संतान को जन्म दी  सर में  तेज दर्द हो जाए तो  तो बेटा हाल-चाल भी नहीं पूछता 2 घंटे से … Read more

छोटी मां – सांची शर्मा : Moral Stories in Hindi

अंशु, संजू और राजू अपनी मां समान बड़ी बहन रानी जी के घर नम आंखें लिए बैठे थे जब उनके भांजे आशू ने कहा मामा, मां को अंतिम विदाई देने का समय आ गया है, आ जाओ अपनी बहन के अंतिम दर्शन कर लो। तीनों भाइयों ने भरे मन से अपनी बहन को विदाई दी … Read more

तोहफा राखी का – बिंदेश्वरी त्यागी : Moral Stories in Hindi

अवनी लोन में बैठी हुई चाय पी रही थी की फोन की घंटी बजी उसने देखा उसकी सहेली नेहा का फोन था l अवनी ने फोन उठाया और बोली हेलो आज कैसे मेरी याद आ गई सब खैरियत तो है l नेहा बोली की सब ठीक है परंतु तू यह बता तेरी ननंद का नाम … Read more

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