सौभाग्यवती भवः – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi
“नहीं, वह नहीं लगवायेगी।आप जाइए।” यह कहकर जैसे ही रूद्र दरवाजा बंद करके घर के अंदर आया, उसके कानों में गौरी की आवाज आई। वह बेहद ही धीमे और कमजोर स्वर में पूछ रही थी “ऐ जी, कौन आया था?” “मेहंदी लगाने वाली दीदी आई थी। मैंने मना कर दिया है। तुम आराम करो।” “अरे,यह … Read more