नीलांजना ( भाग-2 ) – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi
अंकिता और शांभवी दोनों बहने हॉस्टल में थीं… बीस साल की अंकिता इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी… बेंगलुरु में… और शांभवी 15 साल की अभी 11वीं की छात्रा थी… घर में एक बूढी दादी थी… उन्हें दीन दुनिया से कोई मतलब नहीं था… केवल खाना खाया… दवाई ली… और अपने कमरे में रिमोट हाथ … Read more