अफ़सोस – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

20 साल गुज़र गए लेकिन आज फ़िर से श्यामा को वो दिन याद आ गया जिसका अफ़सोस उसे आज भी है और शायद ज़िंदगी भर अफ़सोस रहेगा।  जो कुछ 20 साल पहले घटा था उसमें श्यामा की गलती नहीं थी लेकिन सबने उसे ही दोषी ठहरा दिया था।  टूट गई थी श्यामा उस हादसे के … Read more

मुझे अफसोस है – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 दरवाजे पर घंटी बजती है और कल्याणी देवी जाकर दरवाजा खोलते हैं। सामने पुलिस खड़ी थी। पुलिस ऑफिसर ने पूछा -” क्या आपके बेटे का नाम अभिषेक है और वह इस समय कहां है? ”   कल्याणी- घबरा कर पूछती है -” क्या हुआ इंस्पेक्टर साहब, क्या बात है? हां अभिषेक है मेरे बेटे का नाम … Read more

हृदयहीन –    विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

  शकुन्तला जी ने अपने पति की तस्वीर के आगे दीपक जलाया तो आँखों से दो आँसू भी उनके गालों पर ढुलक गये।बोलीं,” आपके बिना ये मेरी पहली दीवाली है।सब कुछ सूना-सूना सा लग रहा है।आप कुछ साल और मेरे साथ रहते अगर…।अब अफ़सोस होता है कि मैं क्यूँ नहीं आपके अनबोलों को सुन पाई..क्यों नहीं … Read more

साहस – श्याम आठले : Moral Stories in Hindi

सुबह के समय उषारानी अपने बेटे के साथ खेल रही थी जब उसके मोबाइल की घंटी बजी। उसने फोन उठाया तो एक अंजान नंबर से कॉल थी। दूसरी तरफ से एक गंभीर आवाज़ ने उससे सवाल किया, “उषारानी बोल रही हैं?” “हाँ, मैं ही बोल रही हूँ। आप कौन हैं?” उषारानी ने आश्चर्य से पूछा। … Read more

सैलाब तो आना ही था – कमलेश आहूजा  : Moral Stories in Hindi

“हेलो माँ मैं निधि बोल रही हूँ आप जल्दी से हमारे पास जाओ। इनकी तबियत ठीक नहीं है।” बहू का इतने दिनों बाद फोन आया वो भी बेटे के स्वास्थ्य को लेकर तो सुगंधा चिंतित हो गई। घबराकर बोली-“क्या हुआ प्रतीक को?” “कल ऑफिस में अचानक इनकी तबियत बहुत खराब हो गई थी। ऑफिस के … Read more

बेचारे मूलचंद जी –   विभा गुप्ता: Moral Stories in Hindi

 बालक मूलचंद जब स्कूल जाते थे..अपने मित्रों को अपने पिता से हठ करने की बातें सुनते तो उनकी ही बड़ी इच्छा होती थी कि वो भी हठ करने का स्वाद चखे।बस.. एक दिन अपने पिता से हठ कर बैठे कि दो पहिये की साइकिल चाहिये ही वरना स्कूल नहीं जाऊँगा।जवाब में पिता सिर पर एक … Read more

पति अपना और उससे जुड़े रिश्ते ..??- संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” कृति बड़ी जल्दी ऑफिस ज्वाइन कर लिया तुमने। तुमने तो एक महीने की छुट्टी ली थी ना ?” अपनी सहकर्मी कृति को ऑफिस में देखकर रूपाली ने पूछा। ” बस यार घर में बोर हो रही थी सोचा वापिस ऑफिस ही ज्वाइन कर लूं !” कृति बोली। ” बोर और वो भी इकीस  दिन … Read more

ई का करत हो बहुरानी… – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

पहला दिन था इसलिए उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। करे तो क्या करें?शादी कर के कल रात को ही तो इस घर में आई थी, सुबह सवेरे मड़वा में पूजा करने के बाद पंडित जी ने कहा अपने से बड़ों का आशीर्वाद ले लो ।सामने बहुत सारी महिलाएँ खड़ी थी।अब सब के पाँव … Read more

टी- सेट – करुणा मालिक 

दीदी! आज शाम को आप और भइया इधर आ जाना चाय पर, उज्ज्वल को देखने लड़की वाले आ रहे हैं ।  अच्छा….. वे ही देहरादून वाले ? जो रिश्ता रागिनी ने बताया था? या कोई और?  हाँ दीदी, वहीं लोग हैं । अच्छा… एक बार इधर आकर नज़र तो डाल जाइए , नाश्ते में रखने … Read more

अफसोस – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

कैंसर अस्पताल के उद्घाटन का समारोह था। सामने दीवार पर एक बड़ी सी तस्वीर मुस्कुरा रही थी।तस्वीर से झांकती हुई दो आंखें जैसे अपने दोनों हाथों से डॉक्टर नीरज को आशीर्वाद दे रहीं हों  “जुग जुग जियो बेटा!” डॉक्टर नीरज ने तस्वीर पर माल्यार्पण किया और फिर आगे बढ़ कर तस्वीर के सामने रखे हुए … Read more

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