*वट वृक्ष* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     भजनों की स्वर लहरी गूंज रही थी,बधाई हो बधाई के स्वरमय गीत से सभी का हृदय स्पंदित हो रहा था।सभी, करतल ध्वनि से वातावरण को और सुर मय बना रहे थे।         आज ही मैं अपनी ही सोसायटी निवासी नरोत्तम जी जिन्हें मैं अपने पिता तुल्य ही मानता हूं,पर हमारा परस्पर व्यवहार मित्रता जैसा है,के फ्लैट … Read more

एस्केलेटर का डर और बहूरानी साहिबा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

गवारों वाली हरकत मत करो शालिनी…. पैर रखो , नहीं गिरोगी….. सब देख रहे हैं हसेंगे …..          संजय , मुझे बहुत डर लगता है ….आपको तो बताया था ना… पिछली दफ़े एस्केलेटर में चढ़ते ही गिर गई थी ….बाप रे , सबने कितना डरा दिया था …अंदर चली जाती तो टुकड़े-टुकड़े हो जाते ….जैसी ना … Read more

बहुरानी – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुनंदा जी का बेटा नितिन और बहु नीतिका विदेश में रहते थे। उन्होंने आज ही उन्हें दादी बनने की खबर दी थी। जिसे सुनकर सुनंदा जी बहुत खुश थी। सुनंदा जी ने ये खुशखबरी अपने पति रमाकांत जी को दी और कहा चलो मंदिर में प्रसाद चढ़ाकर आते हैं। नितिन की शादी के 6 साल … Read more

अम्मा का आशीर्वाद – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

36″भाभी ओ भाभी,कल घाट पर चलना होगा आपको।हमारे सोनू ने निमंत्रण भेजा है आपको बिनती के साथ।” पिंकी बड़े उत्साह से चहकती हुई बोली।पिछले बीस सालों से उसे काम करते हुए देख रही थी मृदुला।सोनू (उसका बेटा)तब आठ साल का रहा होगा,जब पिंकी ने आकर मृदुला से कहा था”भाभी,अम्मा कह रही थी कि आपको अपने … Read more

छोटी छोटी बातें ही बड़ा रूप ले लेती है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

क्या भाभी आप तो बिल्कुल बहू से दबकर रह गई हो , इतना भी क्या डरना बहू से कौन वो आपका कुछ करती है इस बुढ़ापे में बहू को आपकी मदद करनी चाहिए तो वो तो नहीं उल्टा आप और भाईसाहब ही उसकी मदद करती रहती है । क्या करूं मधु मैं नहीं चाहती एक … Read more

सर्वगुण संपन्न – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

“बहू!..कितनी बार कहा है सर पर पल्लू रखा करो।” रसोई में प्रवेश करते ही जगदंबा जी ने अपनी नई नवेली बहू रूपम को टोका। जगदंबा जी के टोकते ही रूपम ने झट से पल्लू अपने सर पर खींच लिया लेकिन फिर भी जगदंबा जी भुनभुनाई.. “अच्छे घर की बहू का पल्लू हमेशा उसके सर पर … Read more

“समय रहते रिश्तों की कदर करनी चाहिए,सबको प्रायश्चित का मौका नहीं मिलता” – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मीनाक्षी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। मीनाक्षी देखने में आकर्षक, गोरा रंग,घुंगराले बाल और सुडौल काया की स्वामिनी थी। पर इसके विपरीत स्वभाव से बेहद तेज़ तर्रार थी। अगर कोई बात उसके मन की होती तो ठीक वरना समझो आसमान सर पे उठा लेती थी। फिर उसको बड़े छोटे का फर्क नही समझ … Read more

नई माँ – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” माँ.. माँ…. बाबा, मां को क्या हुआ?? मां बोलती नहीं ?? ,, अपनी अचेत पड़ी मां दमयंती को हिलाते हुए नन्हा सा तीन साल का वासु पूछे जा रहा था। रघु ने उसे खींचकर अपने कलेजे से लगा लिया , ” बेटा, अब तेरी मां नहीं बोलेगी । वो भगवान के पास चली गई … Read more

जिंदगी की गाड़ी समय पर ही पकड़ लेनी चाहिए , छूटनी नहीं चाहिए – राजश्री जैन : Moral Stories in Hindi

प्रिया दो तीन दिनों से छुट्टी पर थी आज जब काम पर गयी तो भी चुप सी थी गरिमा ने पूछा क्या हुआ तो पहले तो कुछ नहीं कहा फिर रोती हुई बोली –दीदी दो दिनों से मेरा पति रमेश मुझसे बहुत झगड़ा कर रहा है किसी न किसी बात को ले कर कल तो … Read more

पश्चताप – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

जब अपने बेटों ने माँ को अपने साथ रखने से मना कर दिया तब यशोधरा जी के पास वृद्धाश्रम जाने के अलावे कोई रास्ता नहीं बचा था। हर सप्ताह रविवार को सुबोध यानि यशोधरा जी के जेठ जेठानी का बेटा वृद्धाश्रम मे दान करने के लिए आता था जब अपनी काकी  को वहाँ देखा तो … Read more

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