हमारे लिए दुल्हन ही दहेज़ है – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

विवाह का दिन था। एक दिन पहले से ही घर के हर कोने में सजावट और रोशनी की चकाचौंध थी। प्रिया का घर एक सपने जैसा लग रहा था, जैसे किसी उत्सव की तैयारियों में पूरी रौनक जुटाई गई हो। सभी रिश्तेदार, दोस्त, और आसपास के लोग इस खास मौके का गवाह बनने के लिए … Read more

आईना – डा. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

दीपिका की जिंदगी में हर दिन सूरज उगते ही एक नई जिम्मेदारी के साथ शुरू होता था। उसका हर दिन सुबह-सुबह जल्दी उठने, घर को व्यवस्थित करने, सभी के लिए नाश्ता बनाने और बच्चों के स्कूल के लिए तैयार करने में ही गुजरता। सास-ससुर के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना, पति का टिफिन तैयार करना, … Read more

ये कैसा गठबंधन – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

नई नवेली रीना अपने कमरे में बैठी आँसू बहा रही थी,सोच रही थी “न जाने पापा को इस गांव के लड़के में क्या दिखा, जो मेरी शादी यहाँ कर दी, बिना सोचे -समझें…।” तभी रेडियो में “कोई मैके को कर दे सन्देश पिया का घर प्यारा लगे…”गाना आने लगा, विजय किसी काम से कमरे में … Read more

वाग्दान – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

नीलिमा!! जल्दी करो कितनी देर लगेगी तैयार होने में वहां प्रकाश और भाभी जी हमारा इंतज़ार कर रहे होंगे” देव ने अपनी पत्नी से कहा। “आ रहीं हूं !!”तभी देव ने देखा नीलिमा अपनी साड़ी का पल्लू ठीक करती हुई आ रही थी। वहां पहुंचकर नीलिमा देव को घूरते हुए बोली ,” क्यों चिल्ला रहे … Read more

इतना गुमान ठीक नहीं परिस्थितियों मौसम की तरह कब रंग बदल ले l – बिंदेश्वरी त्यागी : Moral Stories in Hindi

मेरा घर और मेरी जेठानी का घर दोनों थोड़ी ही दूरी पर थे आता है जब भी हम घर के कार्यों से फुर्सत में होते तो दो-चार दिन में कभी वह मेरे पास आ जाती और कभी मैं उनके घर चली जाती l हम दोनों बैठकर बातें करते l मैं तो सभी तरह की बातें … Read more

बहूरानी – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

आज मैं एक ऐसी बहूरानी की कहानी लिख रही हूँ,जो सच्ची घटना से प्रेरित है तथा उनका जीवन अनुकरणीय है।जब मैंने 90 साल की उम्र में गोरकी  काकी की मौत की खबर सुनी थी,तो उनके अदम्य साहस और जीवट व्यक्तित्व के कारण मन  उनके प्रति श्रद्धा से भर उठा।उनकी कहानी यादों में विचरण करने लगी। … Read more

क्लासमेट – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

         कहते हैं, सूरत तो चार दिन की चाँदनी है परन्तु सीरत उम्र भर साथ रहती है।इस सत्य को जानते हुए भी कुछ लोगों को अपनी सुंदरता पर इतना गुमान होता है कि खुद को भगवान समझ लेने की भूल कर बैठते हैं।उन्हीं में से एक थी शालू…..।         शालू को बचपन से ही अपने रूप और … Read more

बहुरानी – खुशी : Moral Stories in Hindi

ऐश्वर्या का बचपन बहुत ही अभावों में गुजरा ।पिताजी एक दफ्तर में क्लर्क मां घर को संभालती घर में दादी की हुकूमत चलती जो मां को बहु भी न समझती नौकरानी से ज्यादा हैसियत नहीं थी घर में पापा,दादी और आग में घी डाल ने बुआ भी आ जाती कभी कभी।मां सुबह से रात तक … Read more

बहुरानी – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

द्दुल्हन बनी बैठी थी सुनीता | बहुत ही सुंदर लग रही थी | सारे रिश्तेदार सुनीता को देखने आते | सब बोलते कमला जी आपकी बहु तो बहुत ही सुंदर है | कमला जी बोलती मेरी बहुरानी को नजर नही लगाओ , और मन ही मन बहुत खुश होती |सारा दिन बहुरानी बहुरानी करती रहती … Read more

अपनत्व भरा अधिकार – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

        देखो प्राची, अब सूरज ने तुमसे विवाह कर ही लिया है,और तुम इस घर मे आ ही गयी हो तो एक बात समझ लो मैं तुम्हे बहू मानने वाली नही।          पहले ही दिन अपनी सास शकुंतला जी के मुँह से ये वाक्य सुन प्राची तो अवाक रह गयी,क्या उत्तर दे वह समझ ही नही पा … Read more

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