एक बार फिर से – निभा राजीव निर्वी : Moral Stories in Hindi

नहा कर आई तनुजा तौलिए से अपनी गीले बाल सुखा ही रही थी कि अचानक उसकी दृष्टि बिस्तर पर पड़े एक उपहार के पैकेट पर पड़ी! उसका हृदय बल्लियों उछल पड़ा है इसी बात की तो वह प्रतीक्षा कर रही थी! आज उसकी वैवाहिक वर्षगांठ थी, और वह बहुत उत्साहित थी… उसे आशा था कि … Read more

खुल गई आँखें – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

रीता लाख कोशिशों के बावजूद भी अपने पति निकुंज को खुश नहीं कर पा रही थी,जब से उसकी शादी हुई थी,वो अपनी पूरी कोशिश करती कि अपने पति की सब बातों को माने,उसे उसकी मनपसंद डिशेज बनाकर खिलाए पर निकुंज हमेशा बाहर वालों की,पड़ोसियों की और अपने ऑफिस की लेडीज की ही तारीफें करता। रीता … Read more

सौतेली माँ की शर्त – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

भावेश जी की पत्नी को गुजरे हुए दो साल हो गए थे । उनके दो लड़के संतोष और सुभाष थे जिनकी देखभाल माँ करती थी । माता-पिता ने कई बार भावेश से कहा था कि दूसरी शादी कर ले । भावेश को डर लगा रहता था कि सौतेली माँ अगर बच्चों को ठीक से नहीं … Read more

रिश्ता हो तो ऐसा – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 ” क्या सीमा…दो बच्चों के बाद फिर से…इतने तो उपाय हैं..अपनाया नहीं..पढ़-लिखकर भी गँवार ही रही…हा-हा..।” कहते हुए शिल्पी अपनी ननद का उपहास करने लगी।तब उसकी सास बोली,” छोटी बहू..बच्चे तो भगवान की देन है…सीमा फिर से माँ बनने वाली है..ये तो खुशी की बात है..आशीर्वाद देने की बजाय तुम इसकी हँसी उड़ा रही हो..ये … Read more

फूटी आंखों न भाना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

ज़िन्दगी में कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो जातीं हैं कि जो हमें फूटी आंखों नहीं भाता है,वहीं विपत्ति की घड़ी में मजबूत संबल बनकर खड़ा हो जाता है।रीना को अपनी ननद ऊषा फूटी आंखों न भाती थी।जब रीना शादी कर ससुराल आई,उस समय ऊषा मात्र पन्द्रह वर्ष की थी।कौतूहलवश ऊषा अपनी भाभी से बहुत सारी … Read more

बेटा प्यारा तो बहू क्यों नहीं?? – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ ये क्या कर रहा है बेटा..अपना सामान क्यों बाँध रहा है…तू यहाँ से कहीं नहीं जाएगा…. समझा… आप क्यों चुप हैं कुछ बोलते क्यों नहीं अपने बेटे को ।” सरला पति और बेटे से घिघियाते हुए बोले जा रही थी  बेटा वरूण आँखों में आँसू रोककर अपना सामान पैक कर रहा था । वही … Read more

रेजोल्यूशन – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

न्यू इयर पर आफिस स्टाफ ने पार्टी अरेंज की। पार्टी के 2 ही मुख्य अट्रैक्शन थे, शराब और मुर्गा। मैं इन दोनों चीज़ो से दूरी बनाए रखता था, पर न चाहते हुए भी मना न कर सका, क्योंकि बॉस ओर सहकर्मी सभी अपनी फैमली के साथ आ रहे थे। पार्टी में कुछ पुरुषों और महिलाओं … Read more

तरीका – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

आजकल गांव से मेरी मां और बाबूजी आए हुए हैं। घर में रौनक आ गई है, किंतु उनके आने से स्वाभाविक रूप से ही मेरी पत्नी शिखा के घरेलू दायित्व भी बढ़ गये हैं। सामान्यतः तो मां-बाबूजी हमें मिलने की दृष्टि से केवल दो-चार दिनों के लिए ही आया करते हैं, लेकिन इस बार मां … Read more

संस्कार और सम्मान – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“सक्सेना साहब, आपकी बेटी चार पैसे क्या कमाती है, उसका तो दिमाग ही सातवें आसमान पर पहुंच गया है। अपने बड़ों से कैसे बात की जाती है, वह सब भूल गई है। अपने पति तक को वह अपने सामने कुछ नहीं समझती। मुझे तो समझ नहीं आ रहा कि आपने उसे कैसे संस्कार दिए हैं!” … Read more

बड़ा दिल – खुशी : Moral Stories in Hindi

रोहन एक बहुत अच्छा खिलाड़ी था वो मैदान में उतर आए तो जीत निश्चित ही होती थी।क्रिकेट में उसका बहुत नाम था।उसने बहुत कम समय में तरक्की की सीढ़ियां चढ़ ली थीं। सभी बड़े खुश थे क्योंकि अगले सप्ताह भारतीय टीम का सिलेक्शन होने जा रहा था सबको यकीन था रोहन  का सिलेक्शन होगा।उसी टीम … Read more

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