धन्य माई – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

सुबह उठकर साफ  साड़ी पहनकर नियम पूर्वक मंगरी मां ने अपने पूर्वजों  को दातून  दिया , फिर सभी को सलामती के लिए  पूजा की । अब बारी थी है दिन की तरह उसे भीख मांगने जाना था । हां मंगरी मां रोज भीख मांगने जाति थी  उसका पति  छः महीने की मंगरी और पांच साल … Read more

एक हाथ से ताली नहीं बजती। – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

  चारों तरफ से निराशा हाथ लगने के बाद शुभा उस इलाके के पंडित से मिली जो लड़के-लड़कियों की शादी करवाने के लिए प्रसिद्ध थे।     बेसहारा विधवा दो-तीन वर्षों से अपनी बेटी की शादी के लिए परेशान थी। वह अपने घर में ही घरेलू उद्यम करके कुछ उपार्जन करती थी, जिससे उसकी परवरिश होती थी।     उसने … Read more

मीठी तकरार – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

महिमा , कल कौन मेहमान आए थे तुम्हारे यहाँ ? मैं तो बुनाई का डिज़ाइन सीखने आई थी पर दरवाज़े पर बड़ी सी गाड़ी देखकर रुक गई , कान से लगाए तो अंदर से बहुत लोगों की आवाज़ आई… बस वहीं से उल्टे पाँव चली गई । हाँ… वे अंजलि के पीहर वाले आए थे … Read more

घर की इज्जत – खुशी : Moral Stories in Hindi

राधारमण जी शहर के जाने माने व्यापारी थे।जिनका भरा पूरा परिवार था।पत्नी रजनी,3 बेटे नरेश,महेश,  सुरेश और दो बेटियां मीरा और रिया खुशहाल परिवार था।तीनों बेटे पिता के व्यापार में सहयोग करते बेटियां पढ़ रही थी।राधारमण जी अब बच्चो के विवाह की जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते थे। उन्होंने अपने मित्र श्याम प्रकाश की पुत्री … Read more

*घर की इज्जत का मापदंड* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

घर की इज्जत बचाए रखना परिवार के हर सदस्य का दायित्व है। पर यह घर की इज्जत है क्या? किसी के लिए घर की इज्जत का अर्थ सिर्फ बहू, बेटियों को घर की मर्यादा में रखने तक है। तो  किसी के लिए सिर्फ बहुओं की मर्यादा तक सीमित है। किसी परिवार में घर का हर … Read more

तीखे बोल – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ भाभी आपको घर की इज़्ज़त की जरा भी परवाह नहीं है पर हमें अपने घर की इज़्ज़त बहुत प्यारी है आप अपना ये सिलाई मशीन अंदर ले जाइए और अपने घर के अंदर ही जो करना है करिए… यहाँ बाहर बरामदे में ये सब काम हम नहीं करने देंगे ।”वरूण की बात सुन कर … Read more

मै भी तो एक बेटी हूं – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

अरे रश्मि बेटा आज भी इतनी जल्दी उठ गई, आज तो रविवार है , आराम से उठ जाती। रोज़ तो पांच बजे उठती हो बच्चों के स्कूल की वजह से, रश्मि की सास आशा जी बोली मम्मी आपको और पापाजी को उठते ही चाय और गर्म पानी चाहिए इसलिए मैं उठ गई । आज सर्दी … Read more

“डर का इलाज कहीं नहीं है” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

कितनी बार मना किया है इस लड़की को छत पर जाकर ना बैठे पूरी दुनिया भर के लड़कों का इस मोहल्ले में जमावड़ा लगा रहता है,  मोहल्ले वालों को पता है सबके घरों में लड़कियां है  फिर भी पता नहीं क्यों लड़को को कमरा किराए पर दे देते हैं और यह लड़के पढ़ाई कम करते … Read more

बहू को बेटी मानें… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

हेमा जी दोनों हाथों में चाय का कप लिए… सोमेश जी के बगल में जाकर बैठ गईं… वे सुबह-सुबह अखबार हाथ में लेकर व्यस्त थे… हेमा जी ने एक कप उनकी तरफ बढ़ाते हुए कहा…” निधि के ससुराल से फोन आया था… वहां तो जाना ही पड़ेगा… क्या करेंगे…!”  सोमेश जी ने अखबार मोड़ कर … Read more

वो किसी के घर की इज्जत है – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” मयंक मेरी ना का मतलब सिर्फ ना ही है । मैं यहां अफेयर्स के लिए नहीं आई हूं मुझे पढ़ लिख कर अपने मां बाप का नाम रोशन करना है अपने गांव के लोगों को बताना है कि बेटियां भी बहुत कुछ कर सकती हैं!” श्रेया ने अपने कॉलेज के दोस्त मयंक से कहा … Read more

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