मेरी बिंदिया रे – पुष्पा कुमारी ‘पुष्प’ : Moral Stories in Hindi
लगभग 15 वर्ष पूर्व मैं अपने मायके एक विवाह सामारोह मे शामिल होने गई थी। तब मेरी बच्ची काफी छोटी थी। लेकिन माँ के विशेष अनुरोध को मैं टाल न सकी और यहाँ से अनुमति प्राप्त कर बच्ची समेत अपने भाई के साथ अपने मायके मे मेरा प्रादुर्भाव हुआ l वैसे बेटियां जब मायके आती … Read more