आईना – बिमला महाजन : Moral Stories in Hindi

  वह काफी दिनों से पेट -दर्द से परेशान थी । कुछ भी खाने पर पेट भारी हो जाता, जी मिचलाने लगता,हर समय पेट में जलन होने लगती थी । जब तकलीफ सहन से बाहर हो गई थी तो   के पास जाना पड़ा । डॉक्टर साहब ने पथरी का संदेह व्यक्त किया और कुछ परीक्षण … Read more

जीवन संध्या – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“तुम्हें कितनी बार कहा दरवाजे पर खड़ी ना मिला करो” सुरेश जी ने घर का गेट खोल कर अंदर आते हुए सीमा जी से कहा!”इतनी ठंडी हवा चल रही है और बिना शाॅल लिए बाहर खड़ी हो! चलो अंदर चलो”,और कुर्सी पर पड़ा शाॅल सीमा जी को उढ़ाकर उन्हें हाथों का सहारा देकर अंदर ले … Read more

कुछ सुलगते प्रश्न – बिमला महाजन : Moral Stories in Hindi

 “मैं अकेला रह गया हूं ” सोमेश को दख कर राजेश फफक फफक कर रो पड़ा था  ।उस  के लिए भी अपने आप को सम्हालना ‌ कठिन हो गया था । उसने बड़ी  कठिनाई से राजेश को सांत्वना दी । धीरे धीरे दोनों  नार्मल हुए । घर आकर भी वह बेचैन ही रहा ।बार बार … Read more

मायके में मीन मेख क्यों??? – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

 देवीना शाम को मायके आती है, वह खाना खाकर, रात में मां से बात करने बैठ कर रह जाती है, उसे बात करते -करते देर हो जाती है, और उसकी भाभी भी काम निपटा कर अपने कमरे में सोने चली जाती , तब वह कहती है- माँ आज मैं यही सोऊंगी। तब मां बोलती -हां … Read more

न्याय – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

राजा सूरज भान और रानी रूपमती का प्रेम सब जानते थे,रानी अपने नाम के अनुरूप सुंदरता की खान थीं और राजा की प्रेयसी,मित्र,हमदर्द और सबसे बड़ी सलाहकार। राजा उनपर बहुत विश्वास करते,हर वक्त उन्हें अपने साथ रखते,उनके खिलाफ,जाहिर है,कभी कुछ न सुनते। रानी को भी धीरे धीरे अहंकार होने लगा और उनका दुर्व्यवहार जनता से … Read more

ढलती सांझ – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

निरंजन जी आज काफी दिनों के बाद हल्का महसूस कर रहे थे, क्योंकि तकरीबन एक साल के बाद आज उन्होंने बैडमिंटनखेला था,वह भी अपने बेटे जैसे किराए दार अनूप के साथ। बर्ना तो पत्नी सुहासिनी के जाने के बाद तो उनकी जिंदगी एकदम बीरान सी हो गई थी।बस हरदम अकेले घर में अपने कमरे में … Read more

ढलती साँझ – डॉ अनुश्री राऊत : Moral Stories in Hindi

कुमार एक छोटे से गाँव में अपने परिवार के साथ रहता था। वह शहर में जाकर बड़ी नौकरी करने का सपना देखता था, लेकिन परिस्थिति और वित्तीय समस्याएँ उसकी राह में रुकावट डाल रही थीं। उसके मन में निराशा और तनाव का वातावरण था, क्योंकि उसने बहुत संघर्ष किया था, लेकिन परिणाम उसके अपेक्षाएँ पूरी … Read more

खुशी की तलाश – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

नयन और कनक बहुत देर से किसी बात पर बहस कर रहे थे…और आवाज हॉल में बैठे रामशंकर और चारुलता जी के कानों तक पहुँच गई । “ देखो कैसी बहू आई है जब से आई है घर में कलह ही हो रहा है….नयन एक बोलता है तो वो चार बोलती फिर मर्द जात कब … Read more

मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया। – पूनम भटनागर। : Moral Stories in Hindi

 विशाखा कहां खोई है, चल बस का समय हो गया है, लेट पहुंचे तो सही से खड़े होने को भी जगह नहीं मिल पाएगी। आंहां, चल अलसाई सी विशाखा उसका उत्तर देने लगी। और कहां खोई होगी, फिर राम के बारे में ही सोच रही होगी, क्यों सही कहा न मैंने, रीमा उसकी शक्ल देखते … Read more

सच्ची खुशी – चांदनी खटवानी : Moral Stories in Hindi

मिसेज वर्मा जब प्राध्यापिका के पद से रिटायर हुई तो बच्चों ने उनकी एक ना सुनी और अपने साथ शहर ले आए! अपने छोटे से शहर की आदत पड़ी हुई थी उनको.. सोचा था रिटायर होने के बाद.. बच्चों को ट्यूशन पढ़ाऊंगी पर परिवार की खुशी के खातिर.. आग्रह टाल ना सकीं! दिनभर स्कूल के … Read more

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