संगम रिश्तो का – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

चंचल का मन हमेशा उड़ाय मान रहता तितली की तरह। मध्यम वर्गीय परिवार में पली बढ़ी चंचल सपनों की दुनियाँ कुछ ज्यादा ही ऊंची रखती। आभासी दुनियाँ देखकर मन कल्पनाओं के सागर में हिलेरों लगाता। पढ़ने लिखने में तो साधारण थी लेकिन रूप श्रृंगार में कभी पीछे नहीं रहती। उसकी सहेलियां भी सब बड़े घरों … Read more

दूसरी औरत – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

रामू ईट भट्ठे पर काम करता था। रोज ट्रक भरता ओर रोज ही पैसा मिल जाता। शाम को घर जाते समय जरूरी सामान लेकर जाता, तभी रात का खाना बनता ओर बचे हुए पैसे अपनी पत्नी कमला को दे देता। कमला लोगो के घरों में काम करती और घर खर्च में हाथ बटाती। बेटी लीला … Read more

पैसे का गुरुर – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

  शाम का अंधेरा घिरते ही आरती जल्दी जल्दी पग बढ़ाने लगी। आज चाची मुझे कच्चा खा जायेगी…उसका हृदय कांप उठा।    उसे देखते ही चाची की जहर बुझी डांट सुनाई दी  ” कहां रह गई थी करमजली… एक दिन हमारे मुंह में कालिख पोत कर रहेगी।”  आरती अपनी सफाई में कुछ कह पाती कि सामने बैठे … Read more

आग में घी डालना – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

रात का समय था ।ममता अपने बच्चों पति के साथ सो रही थी ।अचानक डोरवेल की आवाज आई ।ममता ने जा के दरवाज़ा खोला ,वो दंग रह गई ,बोली बुआ जी आप इतनी रात को ?क्या हुआ ,सब ठीक हैं ना? कुछ ठीक नहीं है ममता ,अब मैं यही रहूंगी ,कभी अपने ससुराल नहीं जाऊंगी … Read more

कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता – मनु वाशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

जाओ बेटा तुम दोनों आपस में बातें कर लो, हम अपनी बातें करते हैं तुम्हें भी तो आपस में थोड़ा समझ लेना चाहिए, एक दूसरे की प्रकृति के बारे में। लड़के वाले शर्मा जी और मिसेज शर्मा ने अपने बेटे से कहा। मिसेज शर्मा अपनी बात जारी रखते हुए बोलीं, लड़की तो हमें पसंद है … Read more

विष उगलना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

महाभारत युद्ध में मद्र-नरेश शल्य पांडव पुत्र नकुल और सहदेव के मामा थे। महाभारत युद्ध अवश्यंभावी होने पर राजा शल्य भी पांडवों की ओर से युद्ध में शामिल होने के लिए कुरुक्षेत्र की ओर चल पड़े। यात्रा  के दौरान जब वे हस्तिनापुर  पहुॅंचे,तो उन्होंने वहाॅं बहुत बड़ा विश्राम स्थल देखा ।उस विश्राम स्थल में अपना … Read more

चन्दन – विनय मोहन शर्मा : Moral Stories in Hindi

लगभग सात वर्ष की आयु रही होगी; चंदन की, जब उसके माता-पिता उसे इस संसार में अकेला और बेसहारा छोड़ कर चले गए। चंदन के मामा मनोहर बाबू चंदन को अपने साथ ही हमेशा के लिए शहर ले आये थे। चंदन को देखकर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कंचन को इस बात से गहरा सदमा लगा कि … Read more

कांच की चूङियां – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

सर्दियों के मौसम में गुनगुनाती धूप में आस-पड़ोस के सभी लोग एक साथ बैठे हुए हुए थे… कभी कोई आंटी अपने आंवले का आचार की रेसिपी बता रही थी..  कोई कह रहा था आज मिर्ची का अचार डालना है ..  इसलिए अपने छोटे-छोटे काम बाहर लाकर एक पट्टी पर सभी औरतें बैठ जाती है और … Read more

बुढापे की लाठी सुपात्र बेटी – नेमीचन्द गहलोत : Moral Stories in Hindi

लोकपरिवहन बस के कंडेक्टर ने तेज आवाज लगाई “गंगा पुर…. गंगापुर….गंगापुर!” प्रकाश बस से उतरा । वह शहर से अपनी बेटी के नामकरण संस्कार की सामग्री का थैला थामे अपने घर की ओर रवाना हो गया ।  वह एक मध्यम वर्गीय मौहल्लै में अपनी पत्नी आशा व बेटी सुमित्रा के साथ रहता था । पति-पत्नी … Read more

मन का मैल – प्रवीण सिन्हा : Moral Stories in Hindi

डिंग डांग डोर बेल बजी तो सुभाषिनी बिस्तर से उठ कौन हैं कह कर दरवाजा खोलने चल पड़ी सोचती जा रही थी इस भरी दोपहरी भला कौन आया होगा दरवाजा खोलते ही अवाक रह गई रत्ना कह कर सुभाषिनी रत्ना के गले लग कर रो पड़ी पूरे तीन साल बाद रत्ना को देख रही थी … Read more

error: Content is protected !!