बाप के जतन – प्रवीण सिन्हा : Moral Stories in Hindi

  चाय पीकर मैं अखबार पलट हीं रहा था कि अचानक मोबाईल की घंटी बजी, हलो कहने पर उधर से रोशन लाल के पुत्र की आवाज आई , अंकल दादा जी नही रहे। मेरे लिए क्योंकि उनकी तबियत लम्बे समय से खराब थी बेटा अंतिम संस्कार कब होगा आज ही 12 बजे होगा कह कर मोबाईल … Read more

स्वावलम्बी बेटियां – नेमीचन्द गहलोत, : Moral Stories in Hindi

बालिकाएं अपने सिर पर जल से भरे कलश रख पन्द्रह दिन तक चलने वाले पर्व पर गीत गाते गणगौर पूजने जा रही थी ।  पुराने खेजड़े के नीचे वे कलश रख कर शिव पार्वती के रूप में गवर व ईसर की पूजा करती थी । हरी हरी दूब से पानी की छींटे बरसाकर वरदान मांगती  … Read more

विष उगलना – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

वाह श्रेया वाह, मैंने तुम्हें कभी अपनी नन्द की नज़रों से नहीं, अपनी बेटी की नज़र से देखा है।।  माँ जी के गुज़र जाने के बाद तुम्हें उनकी कमी महसूस न हो इसलिए मैंने तुम्हें अपनी बेटी की तरह पाला, सिर्फ 8 बरस की थी तुम जब माँ जी इस दुनिया से चली गई थी।  … Read more

गुरुर – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” पापा आपको आपके पैसो का बहुत गुरुर है ना तो रखिये इन्हे संभाल कर नही चाहिए मुझे , आपको अपने बेटे से ज्यादा पैसे प्यारे है इसलिए बेटे की खुशी कोई मायने नही रखती आपके लिए कैसे पिता है आप  !” तनुज के इतना बोलते ही सकते मे आ गये पिता राजेश और माँ … Read more

वैलेंटाइन डे – शालिनी दीक्षित : Moral Stories in Hindi

हाथ में पकड़े, सिद्धार्थ के अंतिम पत्र को देखते हुए सरिता की नजरें अपने क्वार्टर के लॉन में खिले गुलाब के फूलों पर स्थिर हो गई । “मैम हम एक गुलाब तोड़ना चाहते हैं। ” किसी लड़की की आवाज सुनकर वह पीछे मुड़ी। लड़कियों का पूरा एक समूह था शायद अपनी हॉस्टल वार्डन से कुछ … Read more

विष उगलना – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

  प्लेटफार्म पर ट्रेन के रुकते ही दुर्लभ अपनी प्रेमिका पर्णिका के साथ एक अटैची और बैग लिये हुए डिब्बे की ओर बढ़ने लगा कुछ कदम आगे बढ़ा ही था कि अचानक उसकी पत्नी तृप्ति आ धमकी उसने उसका रास्ता छेंकते हुए आक्रोश में कहा, “कहांँ भागे जा रहे हो हमको  छोड़कर मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं … Read more

प्यार कभी पुराना नहीं होता – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    पिछले कुछ दिनों से सीमा बहुत व्यस्त थी।पहले ननद की बेटी की शादी..फिर सूरत से बेटी-नातिन आ गई।एक महीना कैसे बीत गया, उसे पता ही नहीं चला।पति जब तक थें, तब तक तो वो सोशल मीडिया का स भी नहीं जानती थी।उसकी सहेलियाँ फेसबुक पर आने को कहती तो हँसकर कहती,” मेरा फेसबुक तो मेरे … Read more

एहसास – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

आज 14 फरवरी ….. सुबह सुबह की आपाधापी के बीच जैसे ही अरुणिमा  करी पत्ता (मीठा नीम) लेने बगीचे में पहुंची…..      ओह , तीन-चार दिनों से क्यारी में पानी ही नहीं डाला है…. पूरे गुलाब के पौधे सूखने की कगार पर है…. पूरी जिम्मेदारी घर की , रसोई की ,पेड़ पौधों की ….मेरी ही तो … Read more

पैसे का गुरुर – सुनीता मुखर्जी श्रुति : Moral Stories in Hindi

भाभी यह देखो! कांचीपुरम साड़ी….पन्द्रह हजार की ली है। दूसरी साड़ी दिखाते हुए .. यह वाली साड़ी दस हजार की है। इस तरह अपनी साड़ियों की नुमाइश करते हुए दीप्ति अपने मायके में मां और भाभी को अपनी साड़ियां दिखा रही थी। भाभी हाथ लगा कर देखो, इतनी महंगी साड़ियां तुमने कभी देखी नहीं होंगी। … Read more

रिश्तों का मान : Moral Stories in Hindi

   आज सुबह सुबह सुधा अपने छोटे बेटे अजय की पत्नी सुनीता को ताना देने लगी कि मैंने बड़े अरमान से अपने बेटे अजय की शादी तुमसे की परंतु तुम्हारे पिता ने हमारी हैसियत के अनुसार दहेज नहीं दिया। न जाने सुनीता को इस बात पर क्रोध आ गया और अपनी सास से कह दिया कि … Read more

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