दादी मां – विनय मोहन शर्मा : Moral Stories in Hindi

  राहुल के पिता कांति प्रसाद एक छोटे से कस्बे में अध्यापक थे। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती राजेश्वरी देवी भी अपने पति के साथ ही रहती थी। राहुल गांव में अपनी दादी मां के साथ ही रहता था, वह अपनी दादी मां का बहुत लाड़ला था। राहुल के पिता कांति प्रसाद छुट्टियों में घर पर आते तो … Read more

इतने जतनो से तुम्हे पाला पोसा और कल की आई छोकरी के लिए तुम हमको छोड़ कर जा रहे हो? – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

मम्मी अभी तक सोई नहीं? अनु ने पूछा राधिका तकिए को पलंग के सिरहाने लगा बैठ गई और बोली ” नहीं अभी का नींद आखों में घुलती है,? दिनभर तो छोटे मोटे काम ही तो करती हु थकान नहीं होती तो नींद भी अकड़ दिखाती है। अनु मुस्कुराकर पास ही बैठ गया और मम्मी के … Read more

मन के तार वर्सेस साइंस – चांदनी~ खटवानी : Moral Stories in Hindi

******* दादी मां को अस्पताल से डिस्चार्ज मिल गया था.. सौरभ उनको घर ले आए थे.. पिछले महीने ब्रेन स्ट्रोक आया था.. इतने दिन वहां रह कर भी कुछ विशेष सुधार नहीं हो रहा ‌था.. सिर्फ आंखें कभी-कभार खोलती पर ना किसी बात पर एक्सप्रेशन देती और ना ही कुछ रिएक्ट करतीं.. रिकवरी बहुत स्लो … Read more

पैसे का गुरुर – डाॅ संजु झा  : Moral Stories in Hindi

रीना को दफ्तर में   खाली बैठे -बैठे  काफी समय हो चुका था।काम तो कब का खत्म हो चुका था, परन्तु घर जाने की इच्छा नहीं होती।घर का भांय-भांय करता सन्नाटा और खालीपन उसे डराता।काफी समय हो जाने पर उसका ड्राइवर आकर कहता है “मैम!अब घर चलें?” रीना हाॅं कहकर थके हुए कदमों से गाड़ी … Read more

पैसे का गुरुर – नीलम शर्मा  : Moral Stories in Hindi

तनु देख ना मैंने ये सूट लिया है। कैसा लग रहा है। तनु ने मनु को फोटो भेजी तो उधर से मनु का फोन ही आ गया। क्या दीदी अब तो जीजा जी कुछ ठीक से कमाने लगे होंगे। देखने में ही बिल्कुल सस्ता लग रहा है। ऊपर से काला रंग। हंसते हुए बोली…..कैसा लगेगा … Read more

स्टेटस-मनीषा सिंह  : Moral Stories in Hindi

“कितनी बार बोला है••• कि••• कमबख्त मेरे कपड़ों को हाथ मत लगाना•• परंतु भेजे में अटता ही नहीं•••! चिल्लाते हुए समीर गंगा से बोला।  गंगा डरी-सहमी एक कोने में दुबक के बैठ गई । जोर की आवाज सुन सासू मां सविता जी और ससुर बंसी लाल जी पहुंचे।  क्यों सुबह-सुबह बहू पर चिल्ला रहा है … Read more

रिश्ते प्यार से बनते हैं – विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

   ” देवरानी जी..ऐसी साड़ियाँ तो मेरे मायके की नौकरानियाँ भी न पहने..कितना भद्दा रंग है..और मिठाई तो देखो..हा-हा.. देखकर ही उल्टी आ रही है..है ना जीजी..।”      ” हाँ..मधु..मैं भी तो यही कह रही हूँ..।” कहकर दोनों हँसने लगीं।           सेठ श्यामलाल शहर के जाने-माने ‘आयरन’ व्यापारी थे।पत्नी कमला सुघड़ गृहिणी थी।उनके महेश, सुरेश और निलेश नाम … Read more

“पैसा नहीं संस्कार बोलते हैं” – हेमलता गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

देखिए शर्मा जी… आप यह सगाई नहीं तोड़ सकते आप एक बार सोच कर देखिए मेरी बेटी का क्या होगा.. मेरी इज्जत पूरे समाज में मिट्टी में मिल जाएगी मैं इतने बड़े-बड़े लोगों को इस सगाई में लेकर आया हूं उनके सामने मेरी नाक कट जाएगी, आपको पैसे चाहिए ना… बोलिए कितने दूं… 5 लाख … Read more

आशंका – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

मानसी , कल विदाई के समय पता नहीं …जी भरके गले लगा पाऊँ या नहीं; अपना ध्यान रखना बहन । अब तो न जाने कब मिलना होगा? देवेश ने अपनी छोटी बहन मानसी के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हुए कहा । पर क्यों मिलना नहीं होगा  भैया ? आप दीदी के पास भी … Read more

आत्मग्लानि – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

—————————- बेटा इतने जतनो से पाला पोसा और इस कल की आई के लिए तू हम सब को छोड़कर जा रहा है?     जतिन ने पीछे मुड़कर अपनी मां की तरफ देखा, भाभी भी भतीजे को गोद में उठा निर्विकार रूप से जतिन की ओर देख रही थी और पिताजी को पूरी उम्मीद थी की हमेशा … Read more

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