भूत और एक शर्त – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

जैसे ही वो गांव के पास पहुंचा उसे अचानक लगा कि सुबह हो गई दिन निकल आया है। सामने से उसके ही घर से गांव के लोग एक अर्थी उठाकर ला रहे हैं उसने एक को पूछा भाई ये क्या हो गया कौन गुजर गया। सामने से उसने जोर से हंसकर कहा कि तू मर … Read more

पैसे का गुरुर – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

*********** प्रेयसी का उस समय शर्म से सिर झुक गया जब  ननद वान्या ने आकर उसे गले से लगा लिया – ” भाभी, इतनी बड़ी बात हो गई और आपने एक बार फोन भी नहीं किया। मुझे तो आज अखबार से पता चला। आप चिन्ता मत करो, सब ठीक हो जायेगा।” ” कैसे ठीक होगा … Read more

पैसे का गुरुर – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

सुमन एक  मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी थी। उसके दो भाई राम, श्याम थे। सुमन के मम्मी पापा  ट्रेन दुर्घटना में गुजर गए थे। दोनो  भाइयों ने मिल के सुमन को पढ़ाया लिखाया ।सुमन पच्चीस साल की हो गई थी ।राम दिन रात सोचता की किसी अच्छे घर में सुमन की  शादी हो जाए । राम  … Read more

“बेटा प्यारा पर बहू क्यों नहीं?” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

पूजा.. अपनी मम्मी जी से इस तरह की बात करने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई, मम्मी ने सिर्फ यही तो पूछा है की शाम को खाने में क्या बनाओगी उस पर इतना ऊंची आवाज में बात करने की की कहां जरूरत पड़ी थी? पापा… आपको हमेशा हर बात में फिर मम्मी ही सही दिखाई देती … Read more

पैसे का गुरूर – गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi

“हमारी बेटी बहुत बड़े घर में ब्याही है । बहुत अमीर हैं वो लोग ।दसियों नौकर-चाकर लगे रहते हैं ।” रुक्मणी अपनी पड़ोसन रजनी को बता रही थी । “अच्छा……जब आए अबकी बार कविता तो मुझसे भी मिलवाना । बहुत गुणी होगी तभी तो बड़े घर में पहुँची है ।” रजनी ने कहा । रजनी … Read more

कैसी किस्मत पाई है? – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी! आपकी रिपोर्ट आ गई है, उनका फोन आया था अभी, वह शाम को घर लौटते वक्त ले आएंगे, पलक ने अपनी सास नर्मदा जी से कहा नर्मदा जी:  तो क्या है उस रिपोर्ट में?  पलक:  अभी ज्यादा कुछ तो बताया नहीं, पर आपका ऑपरेशन जल्द से जल्द करवाना पड़ेगा, बाकी का आकर बताएंगे, … Read more

मजबूरी – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

आजकल मिसिज गुप्ता के घर में खूब रौनक लगी है। अमेरिका से उनके बेटा- बहू और बेटी- दामाद बच्चों संग छुट्टियां मनाने उनके पास आए हुए हैं। सन्नाटा लीलकर उनका घर बोलने लगा है। चारों ओर चहल-पहल मची हुई है।   समय को जैसे पंख लग गए हैं। कभी खरीददारी, कभी पिक्चर, कभी पिकनिक, कभी परिजनों … Read more

सासू मां इतना पैसे का गुरूर भी ठीक नहीं है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

रितु, ‘ये क्या लाई है अपने मायके से ? तेरी मां कभी कुछ ढंग का देती ही नहीं है।  पुराने बक्से में से साड़ी निकालकर दे दी।  ऐसी साड़ी तेरी मां ही पहनती होगी, मेरे यहां तो कोई नहीं पहनेगा… तुझे क्या अपने ससुराल के स्टेटस का जरा भी ख्याल नहीं है ? जो तू … Read more

तृप्ति – अनु नेवटिया : Moral Stories in Hindi

___ निर्मला जी आज घर पर अकेली थीं, बेटा, बहु और पोता- पोती सब बाहर खाने गए थे। जाना तो उन्हें भी था, पर उनकी तबियत कुछ ठीक नहीं थी, और आज कई महीनों के बाद ये प्लान बना था तो जाना कैंसिल करके वो बच्चों को उदास नहीं करना चाहती थी, इसलिए उन्होंने सबको … Read more

एक जैसा दर्द – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

क्या हुआ …आज सुबह-सुबह इतना मधुर संगीत क्यों चला दिया? अभी तो आठ भी नहीं बजे… सुधीर का इतना ही कहना था कि रसोई में बरतनों की आवाज और तेज हो गई। हो गई सुबह काली… सुबह नहीं पापा, आज का पूरा दिन ही काला हो गया है। आज मम्मी की मीटिंग है, उन्हें आठ … Read more

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