मानवता जिंदा है – नेकराम
साड़ी वाला,,, साड़ी ले लो रंग ,,, रंग बिरंगी सुंदर सुंदर साड़ी ले लो,,,आ गया हूं आपके मोहल्ले में आप की गली में लेकर चलती फिरती साड़ियों की दुकान – विमला रसोई घर में खाना पका रही थी रंग बिरंगी साड़ी का नाम जब कानों में गूंज ,,तो ,, रहा नहीं गया मन करने लगा … Read more