पंछी को उड़ जाने दो – सुषमा यादव
कभी खुशी कभी ग़म,जनाब, जिंदगी भी है एक तरह का जंग। यही सिलसिला चलता रहता है हरदम। हमको भी कभी खुशियां मिली थी बेशुमार,।पर हमें भी लग गई जमाने की नजर। अचानक खुशियों के मंज़र बदल गये ग़म में। हम फिर से तन्हां हो गये इस सफ़र में। वो कहते हैं ना,हर रात की सुबह … Read more