तलाश (अंतिम भाग ) (भाग 3 ) – अंतरा

अब तक आपने पढ़ा कि ..बाबा रोहिणी को तपोवन के बारे में बताते हैं जिसे वह ढूंढते हुए पहाड़ों पर आई थी  और रोहणी अब तपोवन की तलाश में चल पड़ी है.. तो आइए पढ़ते हैं अब आगे… रोहिणी बड़ी ही उत्सुकता से तपोवन को ढूंढ रही थी। चारों ओर बड़े बड़े पेड़ों और  झुरमुटों … Read more

चाहतें जो हुई पूरी – सीमा वर्मा  

” चाहत में आनंद है। आनंद  ही जीवन है।  जीवन आनंद के बिना मृत है।  “ उम्र के इस सुहाने पड़ाव में दिल की धड़कन के हर सांस में यही जपती हुई मैं अपने  “सर सुशोभित जी ” को दिल से धन्यवाद देती हूं। मैं  पहले क्या थी ? एक साधारण से कॉलेज की अति … Read more

सत्ता की चाहत – कमलेश राणा

 जमींदार सज्जन सिंह बहुत ही नेक इंसान थे उनके न्याय और दयालुता के चर्चे दूर दूर तक थे। हर तरह का सुख उनके जीवन में था पर कहते हैं न कि ईश्वर कोई न कोई कमी हर इंसान के जीवन में छोड़ देता है ताकि वह गुरूर में अंधा न हो जाये।  उनके जीवन में … Read more

चाहत – अमिता गुप्ता “नव्या

मां… मां…आज क्या है? अरे सोनू, मैं तो बताना ही भूल गई,जा जल्दी से नहा धोकर तैयार हो जा,अभी पूजा में बैठना है। मां,”लेकिन बताओ तो सही आज है क्या?” आज तुम्हारे दादा जी की बरसी है। अच्छा मां, मैं जल्दी से तैयार हो कर आता हूं,और दादी को भी साथ लाता हूं। शीला को … Read more

चाहत नहीं महज आकर्षण !! – मीनू झा 

कितनी बदल गई है तू शिब्बू,तेरा नाम शिवानी से बदल कर सेठानी रख देती हूंँ,कुछ करती नहीं क्या अपने लिए-मनीषा एक लंबे समय बाद अपनी बेस्ट फ्रेंड शिवानी से मिली थी,स्कुल की ये दोस्ती अब प्रौढ़ावस्था की ओर बढ़ चली थी,पर मानो मिलते ही दोनों का बचपना लौट आया था। क्या नहीं करती बोल,पर पति … Read more

मेरी चाहत – के कामेश्वरी

बहुत पुरानी बात थी जब कौशल्या शादी करके नई बहू बनकर विशाखापटटनम आई थी। उसने देखा ससुराल में कई रिश्तेदारों के बच्चे अमेरिका में रहते थे उनके माता-पिता अपने बच्चों के बारे में बताया करते थे। सब लोग उनकी बातों को ध्यान से सुनते थे और अपने बच्चों को बताया करते थे कि तुम्हें भी … Read more

तेरा इंतजार करते हैं – किरन विश्वकर्मा

तेरी उम्मीद तेरा इंतजार करते हैं…. ऐ सनम हम तो सिर्फ तुमसे प्यार करते हैं…….. गाना धीमे-धीमे स्वर में बज रहा था…. राहुल दीवार से टेक लगाये हुए बैठा था। घर में सबसे ऊपर का कमरा और सामने बरामदा खूब हरियाली से भरा हुआ…. ऑफिस से आकर वह सीधे छत पर ही आ जाता और … Read more

* मोक्ष* – मधु शुक्ला

गोविंद जी को दो होनहार बेटे दिये थे ईश्वर ने। और पत्नी साधना के रूप में साक्षात लक्ष्मी उसके घर में निवास कर रहीं थीं। बच्चों को उत्तम संस्कार, और शिक्षा साधना के ही प्रयासों का फल था। शिक्षक की नौकरी और घर दोनों को साधना ने बहुत अच्छे से संचालित किया था। गोविंद तो … Read more

क्या बेटी की शादी उसे आत्मनिर्भर बनाने से ज्यादा जरूरी है ?” – दीपा माथुर

अरे मेरी बात मेरे ही घर वाले नही समझेंगे तो कोन समझेगा। अवनि मम्मी को समझाते हुए बोली। मम्मी ने पहले तो अपने माथे पर जोर से अपना हाथ रखा फिर  बोली ” दिया था ना तुम्हे मौका फिर क्या हुआ ? हर काम समय पर ही अच्छा लगता है। अब मुझसे तो बहस करो … Read more

हमें और जीने की चाहत ना होती अगर तुम ……. मीनाक्षी सिंह 

समीरा जी – बहू ,अब तो तुम्हारे ब्याह को 6 वर्ष हो गए अब तो एक नन्हा मुन्ना दे दो हमें जो घर आंगन में घूमे और हमें दादा दादी बोले ! बहुत मन होता हैँ अपने पोते ,पोती को खिलाने का ! समीरा जी चहकती  हुई बोली !  शालू (समीरा जी की बहू ) … Read more

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