यौन शोषण  – अंतरा 

’’कभी कभी मैं जब सुबह उठती हूॅं तो मेरे पेट में बहुत दर्द होता है, और पेशाब से खून भी आता है।’’ बारह साल की बच्ची ने अपने पेट पर हांँथ रखकर बड़ी ही मासूमियत और दर्द से आई0पी0एस0 मीरा  के पूंछने पर उसकी आंखों में देखते हुये कहा।   ’’ऐसा दर्द तुम्हे रोज होता … Read more

सबकी खुशी दर्द मेरा – श्रद्धा खरे

.  मैं प्रिया को देखकर सोच रहा था कि क्या सांवला रंग इतना आकर्षक हो सकता है?…… वह मुझे कुछ समझा रही थी ,कितने पतले हो गए हो एक्साइज बगैरह किया करोअरे बस करो,” मैंने उसकी बात काटी, अच्छा एक बात सुनो तुम्हारे नीला रंग बहुत खिलता है, “अरे तुम्हें भी पसंद आया,” मम्मी भी … Read more

 ये कैसा दर्द दिया पिया तूने मोहे ? – बेला पुनिवाला 

    मनोज ज़ोर से आवाज़ लगाता है, ” माया, चलो भी अब, तुम्हें तैयार होने में कितनी देर लगती है ? शादी में मेरे सारे दोस्त पहुँच गए है और उन सब का फ़ोन आ रहा है, कि ” तुम कब आओगें ? मेरे दोस्त की बारात भी वहांँ से निकल गई है और हम अब … Read more

एक गरीब का दर्द – रोनिता कुंडु 

साहब..! कल छुट्टी चाहिए, वह बिटिया की 12वीं की परीक्षा है… उसे लेकर जाना है. हरिया ने अपने साहब से कहा… साहब:   ठीक है…! पर इस महीने तुम्हारी बहुत छुट्टी हो गई… उसके पैसे कटेंगे… क्योंकि जिस दिन तुम नहीं आते, मुझे किसी और को बुलाना पड़ता है… गाड़ी चलाने के लिए, और उसे … Read more

चाय नाश्ता – गरिमा जैन 

शहीद वीर सिंह मेमोरियल स्कूल का आज उद्घाटन था और नेताजी वहां कुछ ही देर में आने वाले थे ।मेरी ड्यूटी भी आज इसी कार्यक्रम के तहत लगी हुई थी ।सारे इंतजाम पुख्ता करते हुए मैंने देखा की गठरी से बनी एक औरत जमीन पर बैठी थी और एक पुलिस वाला उसे ऊंची आवाज में … Read more

वनवास – तृप्ति उप्रेती

“रुकमा,ओ रुकमा…. चल री, गायों को घर ले चलते हैं। सांझ घिरने में तो अभी बखत है,पर देख तो  कैसे घटाटोप  बादल घिर आए हैं। लगता है खूब बरसात गिरेगी।” “आई काकी, जरा चूल्हे के लिए लकड़ियां तो छील लूं”,कहकर रुकमा दनादन दरांती से पेड़ों की सूखी छाल निकालने लगी। बड़ा सा गट्ठर अपनी चादर … Read more

ननद रानी  – मीनाक्षी सिंह

अनुज  दौड़ता हुआ आया ,,,मम्मी देखो बुआ जी को क्या हो गया हैं ,,विराट को कितना मार रही हैं ! सीमा आटे सने हाथों से ही दौड़ती हुई आंगन में आयी ! दीदी ,,.क्या हो गया ,,आप इतनी गुस्से में क्यूँ हैं ,,अनुज कह रहा था कि बुआ जी गुस्सा हो गयी और विराट को … Read more

मनहुसीयत – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : ओह्ह माँ.. तुम मना मत करना। तुमको आना ही होगा। आओगी न! “पर बेटा, मैं बूढ़ी अपना ही काम खुद से नहीं कर पाती वहां जाकर क्या करूंगी। वहाँ और बोझ बन जाउंगी तुम लोगों के माथे पर!” ” माँ ..वो सब मैं कुछ नहीं जानता बस तुम हाँ कर … Read more

हमें क्या लेना? – डॉ उर्मिला शर्मा 

घर में चहल-पहल भरा माहौल था। सबसे ज्यादा तो दक्ष और अंशिका खुश घर में चारो तरफ दौड़ते नजर आ रहे थे। नन्हीं अंशिका सात वर्षीय दक्ष के पीछे-पीछे ‘भैया’ कहकर घूमते फिर रही थी। अंशिका दक्ष की बुआ की चार वर्षीय बेटी थी। उसकी एकलौती प्यारी बुआ कल ही तो रक्षाबन्धन के अवसर पर … Read more

अपनों का दर्द – संगीता त्रिपाठी

 उनकी आँखों में अथाह दर्द था, आखिर जीवनसंगिनी खो कर जीना आसान नहीं था, वो भी तब जब बच्चे भी विदेश में सेटल हो चुके हो। उमड़ते आँसूओ को रोकने का हुनर सिर्फ स्त्री को ही नहीं आता, बल्कि पुरुष को भी आता है। इस जमघट में कोई नहीं था जो उनके दर्द और आँसू … Read more

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