पैसे ने खून को पानी बना दिया था – डॉ उर्मिला सिन्हा
आंगन में खड़ी पुरानी नीम की छांव अब भी वही थी, लेकिन उसके नीचे खड़ी गाड़ियों ने घर की तस्वीर बदल दी थी। एक तरफ विनय की चमचमाती एस.यू.वी. खड़ी थी, और दूसरी तरफ समीर की पुरानी, जंग लगी स्कूटर। यह सिर्फ़ वाहनों का अंतर नहीं था; यह उस खाई का भौतिक रूप था जो … Read more